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लेखक : बीएस संपादकीय

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: कूटनीतिक कामयाबी

तमाम बाधाओं के बावजूद दो दिवसीय जी20 ​शिखर बैठक के पहले दिन नेताओं की घोषणा में सहमति बन गई जिसमें मौजूदा भू-राजनीतिक परिदृश्य को लेकर स्पष्ट संकेत नजर आया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वै​श्विक नेता के कद को और मजबूती मिली। नि​श्चित तौर पर यूक्रेन युद्ध पर बहुप्रती​क्षित वक्तव्य में बाली घोषणा के निंदा […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: व्यापक विचार-विमर्श की जरूरत

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से जी-20 ​शिखर बैठक के पहले वि​भिन्न देशों और सरकारों के प्रमुखों, मुख्यमंत्रियों आदि को आ​धिकारिक भोज में शामिल होने के लिए अंग्रेजी में जो निमंत्रण पत्र भेजा गया उसने देश के नाम को लेकर एक अनावश्यक विवाद उत्पन्न कर दिया। विपक्ष का मानना है कि सरकार ने देश का […]

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Editorial: महंगे तेल से बढ़ेंगी दिक्कतें

आपूर्ति संबंधित चिंताओं के बीच अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में फिर हलचल मच गई है। इसे देखते हुए कच्चे तेल के प्रति बैरल दाम उन स्तरों पर पहुंच गए हैं, जो पिछले साल से नहीं दिखे थे। तेल के दामों में तेजी इस खबर के बाद आई है कि दो प्रमुख उत्पादक देश सऊदी अरब और […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: चीन की छवि को नुकसान

अब यह स्पष्ट हो गया है कि चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग इस सप्ताहांत नई दिल्ली में आयोजित होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग नहीं लेंगे। इस आयोजन में प्रधानमंत्री ली छ्यांग चीन का प्रतिनिधित्व करेंगे। शी के बाद ली चीन की सरकार में दूसरे सबसे बड़े नेता है। हालांकि, चीन ने शी के […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: पुरानी समस्याओं से त्रस्त बिजली क्षेत्र

देश में बिजली की मांग बेतहाशा बढ़ गई है। अधिक दिनों तक गर्मी का तांडव और बढ़ते आर्थिक क्रियाकलाप इसके मुख्य कारण हैं। वर्तमान स्थिति को देखते हुए लंबे समय तक बिजली गुम रहने की आशंका प्रबल हो गई है। देश के उत्तरी राज्यों में बिजली की मांग और आपूर्ति में बड़ा असंतुलन आ गया […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: चुनाव प्रस्ताव पर हो व्यापक विमर्श

पिछले सप्ताह केंद्र सरकार ने दो महत्त्वपूर्ण राजनीतिक प्रस्ताव लाकर सबको चकित कर दिया। पहले सरकार ने 18 से 22 सितंबर के बीच संसद का विशेष सत्र आयोजित करने की घोषणा कर दी। हालांकि, सरकार ने यह सार्वजनिक नहीं किया कि विशेष सत्र की कार्य सूची क्या होगी। मगर सरकार की तरफ से जो दूसरी […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: घर और बाहर

प्यू रिसर्च हमें बताता है कि कुछ दर्जन चुने हुए देशों के लोग भारत के बारे में बेहतर सोच रखते हैं लेकिन उनकी राय पहले की तुलना में कमजोर हुई है। नरेंद्र मोदी को देश में जो लोकप्रियता हासिल है, विदेशों में वह उसकी आधी रह गई है। ध्यान रहे कि घर में उनकी लोकप्रियता […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: बढ़ा वृद्धि को जो​खिम

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अनुमान राष्ट्रीय सां​ख्यिकी कार्यालय ने गुरुवार को जारी कर दिए। ये आंकड़े ज्यादातर विश्लेषकों को रास नहीं आएंगे। इस तिमाही के लिए 7.8 फीसदी की वृद्धि के अनुमान भारतीय रिजर्व द्वारा जताए गए 8 फीसदी के अनुमान से कम हैं। निजी क्षेत्र […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: दांव पर जीवन

शिकागो विश्वविद्यालय के एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट द्वारा कराए जाने वाले एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स अध्ययन के नतीजे भारतीयों के लिए कतई चौंकाने वाले नहीं हैं लेकिन इन्हें ध्यान में रखते हुए केंद्र और राज्य सरकारों के स्तर पर आत्मावलोकन अवश्य शुरू होना चाहिए। तथ्य यह है कि भारत की लगभग पूरी आबादी ऐसे इलाकों में […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: मॉनसून की चिंता

मॉनसून के बारे में जो सूचनाएं आ रही हैं वे बहुत उत्साहित करने वाली नहीं हैं। भारत के लिए मॉनसून बहुत अहम है क्योंकि उसकी सालाना बारिश में मॉनसूनी बारिश का योगदान 70 फीसदी है। मॉनसूनी बारिश में अगर ज्यादा कमी हुई तो खरीफ की फसल का उत्पादन तो प्रभावित होगा ही, साथ ही रबी […]

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