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लेखक : आदिति फडणीस

आज का अखबार, राजनीति, लेख

कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत ही सबसे बड़ी कमजोरी

कर्नाटक में हाल में हुए विधानसभा चुनाव के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि मुख्यमंत्री पद के लिए सिद्धरमैया कांग्रेस के सबसे उपयुक्त और वास्तव में कहीं अ​धिक तर्कसंगत उम्मीदवार थे। आंकड़ों से अन्य तमाम बातों के अलावा दो महत्त्वपूर्ण निष्कर्ष सामने आते हैं। पहला, सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च के नीलांजन सरकार ने […]

आज का अखबार, लेख

CBI के प्रति जनता का भरोसा बहाल करने की नए प्रमुख की चुनौती

कर्नाटक विधानसभा चुनावों की गहमागहमी के बीच, चुनाव परिणामों के साथ एक और मुद्दा सुर्खियों में आ गया है। यह केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के नए निदेशक प्रवीण सूद (59) की नियुक्ति पर विवाद को लेकर है। उनके 2024 में सेवानिवृत्त होने की उम्मीद थी। लेकिन वह अब विस्तार की संभावना के साथ कम से […]

आज का अखबार, लेख

राजद्रोह कानून में संशोधन से जुड़ी चिंता फिलहाल टली

केंद्र सरकार ने हाल ही में उच्चतम न्यायालय को बताया था कि उसने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 124ए की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है जो राजद्रोह को अपराध श्रेणी में डालती है। केंद्र की ओर से पेश हुए भारत के अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने कहा कि धारा 124ए की समीक्षा पर […]

आज का अखबार, लेख

कर्नाटक के नतीजे तय करेंगे जेडीएस का भविष्य

भारतीय राजनीति में कुछ राजनीतिक दल अस्तित्व में बने रहने की अपनी जिद से लोगों को चकरा देते हैं। यह स्थिति तब और पेचीदा हो जाती है जब दूसरे राजनीतिक दलों और इन दलों में कोई विशेष अंतर नहीं दिखता है। उदाहरण के लिए सोनिया गांधी के विदेशी मूल के विषय पर उठे विवाद के […]

आज का अखबार, भारत, राजनीति

शरद पवार ने वापस लिया इस्तीफा, जानिए इस हाईवोल्टेज ड्रामे के पीछे की असली वजह

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के शीर्ष पद पर कोई रिक्ति बनने के आसार कभी बने नहीं और आखिरकार ऐसा ही हुआ। राकांपा के अध्यक्ष शरद पवार ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है जिसकी घोषणा उन्होंने 2 मई को की थी। लेकिन इस पूरी कवायद में उन्होंने अपने नेतृत्व में पार्टी को एकजुट करने का […]

आज का अखबार

राकांपा की बैठक पर सभी की नजरें

शरद पवार के इस्तीफे के बाद सबकी निगाहें 5 मई को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेताओं की बैठक पर टिक गई हैं। इस बैठक में पार्टी के नेता पवार के इस्तीफे के बाद पैदा हुई स्थिति की विवेचना करेंगे। पवार ने राकांपा के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर सबको हैरत में डाल दिया है। हालांकि, […]

आज का अखबार, लेख

युद्धग्रस्त क्षेत्रों में फंसे अपने नागरिकों को निकालने की राजनीति

दूर के देशों में चल रहा संघर्ष शायद ही देश के चुनावों में मुद्दा बनता है। लेकिन कर्नाटक में हो रहे विधानसभा चुनावों (Karnataka Assembly election) में बयानबाजी बढ़ी है जिसके परिणामस्वरूप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युद्ध प्रभावित सूडान (Sudan) से भारतीयों को निकालने के अभियान की व्यक्तिगत तौर पर निगरानी कर रहे हैं। दूसरी ओर […]

आज का अखबार, भारत

कर्नाटक में BJP ने अपने घोषणापत्र में 10 लाख नौकरियां और EV हब का किया वादा

कर्नाटक में सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विधानसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी करते हुए विनिर्माण क्षेत्र में 10 लाख नौकरियों का वादा किया। सोमवार को बेंगलूरु में जारी किए गए घोषणापत्र में भाजपा ने राज्य को इलेक्ट्रिक वाहनों के केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर भी जोर दिया। […]

आज का अखबार, लेख

राजनीतिक वार्ताकार की मु​श्किलें

सन 1989 में जब ​शिव सेना की ओर से बालासाहेब ठाकरे और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से प्रमोद महाजन सीटों के लिए समझौता करने बैठे तो महाजन ने अपनी पार्टी को यह समझाने में कड़ी मेहनत की कि आ​खिरकार संतुलन का लाभ भाजपा के पक्ष में जाएगा। कुछ बातें जो महाजन और उनके […]

आज का अखबार, भारत

पंजाब में एक युग का अंत, नए राजनीतिक युग की शुरुआत

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के निधन के बाद राजनीति के एक युग का अंत हो गया है। गुरुवार को बादल का अंतिम संस्कार संपन्न होगा। शिरोमणि अकाली दल में बादल की टक्कर का कोई नेता नहीं था। उनमें सिखों के धार्मिक नेताओं के साथ संवाद करने का राजनीतिक एवं नैतिक सामर्थ्य था। […]

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