CGD Sector Stocks: शहरों में गैस सप्लाई करने वाली कंपनियों यानी CGD सेक्टर के शेयरों में पिछले कुछ समय में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली है। गैस की लागत में तेज उतार-चढ़ाव, एपीएम और नई गैस के आवंटन को लेकर अनिश्चितता और रुपये की कमजोरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी थी। इसी वजह से महानगर गैस (MAHGL) और इंद्रप्रस्थ गैस (IGL) जैसे बड़े शेयरों के दाम काफी नीचे आ गए। मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक अब ये शेयर अपने पुराने कमजोर दौर जैसे स्तर पर पहुंच गए हैं। फिलहाल MAHGL करीब 12.3 गुना और IGL करीब 13.7 गुना एक साल आगे के अनुमानित मुनाफे के मुकाबले ट्रेड कर रहे हैं, जो इन्हें आकर्षक बनाता है।
पिछले दो साल में इन कंपनियों के मुनाफे पर दबाव साफ दिखा है। महानगर गैस का प्रति एससीएम मार्जिन वित्त वर्ष 2024 में करीब 13.9 रुपये था, जो घटकर वित्त वर्ष 2026 के अनुमान में करीब 9 रुपये रह गया है। इसी तरह IGL का मार्जिन 7.7 रुपये से घटकर करीब 5.5 रुपये तक आ गया। हालांकि ताजा तिमाही में हालात कुछ सुधरते नजर आए हैं। गैस की लागत में थोड़ी कमी आने से दोनों कंपनियों के मार्जिन में लगभग 0.3 से 0.6 रुपये प्रति एससीएम की बढ़ोतरी हुई है। IGL ने संकेत दिया है कि वित्त वर्ष 2027 में उसका मार्जिन करीब 7 रुपये प्रति एससीएम तक पहुंच सकता है, जबकि MAHGL मध्यम अवधि में 8 से 9 रुपये प्रति एससीएम मार्जिन बनाए रखने की उम्मीद जता रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में हेनरी हब से जुड़ी गैस की कीमतें दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में ऊंची रहीं, जिसका असर मार्च तिमाही के नतीजों पर पड़ सकता है क्योंकि कीमतों का पूरा असर आने में थोड़ा समय लगता है। हालांकि कंपनियों के पास गैस खरीद को संतुलित करने का विकल्प है, जिससे नुकसान सीमित रह सकता है। कच्चे तेल की कीमत फिलहाल करीब 70 डॉलर प्रति बैरल है, लेकिन ब्रोकरेज का अनुमान है कि अगले दो साल में औसत कीमत करीब 60 डॉलर रह सकती है। इससे गैस की लागत पर दबाव कम होगा और मार्जिन को सहारा मिलेगा। रुपये में करीब 6 प्रतिशत की कमजोरी पहले ही आ चुकी है और आगे इसमें स्थिरता की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे मुनाफे में तिमाही उतार-चढ़ाव कम हो सकता है।
सीएनजी अभी भी पेट्रोल से करीब 43 प्रतिशत और डीजल से लगभग 15 प्रतिशत सस्ती है। इसका मतलब है कि कंपनियों के पास थोड़ी कीमत बढ़ाने की गुंजाइश है, वो बिना मांग पर ज्यादा असर डाले। MAHGL ने फरवरी 2026 में सीएनजी की कीमत में 0.5 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की है, जिससे मार्जिन को सहारा मिलेगा। वहीं, गुजरात में टैक्स में कटौती और टैरिफ सुधार से IGL के मार्जिन में करीब 1 रुपये प्रति एससीएम का फायदा हो सकता है। अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से 2028 के बीच MAHGL का मुनाफा औसतन 7 प्रतिशत सालाना और IGL का मुनाफा करीब 16 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ सकता है।
मोतीलाल ओसवाल ने दोनों शेयरों पर खरीदारी की सलाह दोहराई है। ब्रोकरेज ने MAHGL के लिए 1,455 रुपये और IGL के लिए 235 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा स्तर पर वैल्यूएशन आकर्षक है और मार्जिन में धीरे-धीरे सुधार की संभावना है। ब्रोकरेज की पहली पसंद महानगर गैस है, जबकि इंद्रप्रस्थ गैस को दूसरी पसंद बताया गया है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।