Market This Week: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। फाइनेंशियल शेयरों में बिकवाली का सबसे ज्यादा असर रहा। इसी के साथ प्रमुख इंडेक्स निफ्टी-50 और सेंसेक्स ने लगातार तीसरे महीने गिरावट के साथ समापन किया। जबकि आईटी शेयरों ने सितंबर 2008 के बाद का सबसे खराब मासिक प्रदर्शन दर्ज किया। एआई के कारण आईटी कंपनियों के कमाई पर असर पड़ने की आशंका ने आईटी शेयरों पर दबाव बनाया।
आईटी में बिकवाली ने बेहतर कॉरपोरेट नतीजों और व्यापार तनाव में नरमी की खबरों को भी पीछे छोड़ दिया। हाल ही में भारत ने यूरोपीय संघ के साथ एक अहम व्यापार समझौता किया है और अमेरिका के साथ भी एक अंतरिम ढांचा समझौता तय किया है।
निफ्टी 50 इंडेक्स 1.25 प्रतिशत गिरकर 25,178.65 पर बंद हुआ, जबकि बीएसई सेंसेक्स 1.17 प्रतिशत टूटकर 81,287.19 पर आ गया। फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों में 1.6 प्रतिशत की गिरावट रही, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ा।
मासिक आधार पर निफ्टी में 0.6 प्रतिशत और सेंसेक्स में 1.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। आईटी सूचकांक फरवरी में 19.5 प्रतिशत लुढ़क गया, जो वैश्विक वित्तीय संकट के बाद से इसका सबसे खराब मासिक प्रदर्शन है। इस महीने आईटी इंडेक्स की 10 कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में करीब 62.8 अरब डॉलर की कमी आई। इसकी वजह अमेरिका की कंपनियों, जैसे एंथ्रोपिक और पैलेंटिर, द्वारा एआई ऑटोमेशन टूल्स की घोषणा रही।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ”हालिया गिरावट के बाद आईटी शेयरों में चुनिंदा स्तरों पर हल्की खरीदारी दिख रही है। लेकिन व्यापक रुझान अभी भी कमजोर है। विदेशी संस्थागत निवेशक सतर्क बने हुए हैं और उतार-चढ़ाव फिर बढ़ सकता है।”
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आईटी को छोड़कर अन्य 15 में से 14 प्रमुख सेक्टरों ने मासिक आधार पर बढ़त दर्ज की। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक क्रमशः 1.2 प्रतिशत और 0.3 प्रतिशत चढ़े। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक शेयरों में 8.9 प्रतिशत की तेजी आई, जिसकी अगुआई देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने की।
एसबीआई 11.6 प्रतिशत चढ़ा और मार्च 2025 के बाद का अपना सर्वश्रेष्ठ मासिक प्रदर्शन दर्ज किया। मजबूत नतीजों से इसमें तेजी आई। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु सूचकांक 9.3 प्रतिशत उछला, क्योंकि सरकार की कर कटौती से मांग बढ़ने और बेहतर कमाई की उम्मीद मजबूत हुई।
कुल मिलाकर निफ्टी 50 कंपनियों ने दिसंबर तिमाही में सालाना आधार पर 7.5 प्रतिशत मुनाफा वृद्धि दर्ज की, जबकि बीएसई 500 इंडेक्स की कंपनियों का लाभ 16 प्रतिशत बढ़ा। हालांकि श्रम कानून से जुड़े एकमुश्त समायोजन का असर भी रहा।
मजबूत तिमाही नतीजों के दम पर फरवरी में अपोलो हॉस्पिटल्स, अदाणी एंटरप्राइजेज और आयशर मोटर्स क्रमशः 12.4 प्रतिशत, 7 प्रतिशत और 12.5 प्रतिशत चढ़े। अब निवेशकों की नजर बाजार बंद होने के बाद जारी होने वाले दिसंबर तिमाही के जीडीपी आंकड़ों पर है। ये आंकड़े नई सीरीज के तहत जारी होंगे, जिसमें आधार वर्ष 2011-12 से बदलकर 2022-23 कर दिया गया है।