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रिटायरमेंट और चिल्ड्रन फंड्स बंद: 44 स्कीमों पर ताला, अब निवेशकों के पैसे का क्या होगा?

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रिटायरमेंट और चिल्ड्रन फंड्स को मिलाकर सॉल्यूशंस-ओरिएंटेड स्कीम कैटेगरी का कुल AUM 58,454.65 करोड़ रुपये और कुल फोलियो 62,34,116 बनता है

Last Updated- February 27, 2026 | 4:23 PM IST
Retirement and Children Funds
फोटो: एआई जेनरेटेड

म्युचुअल फंड कैटेगराइजेशन नियमों में बड़ा बदलाव हुआ है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने सॉल्यूशन-ओरिएंटेड स्कीम्स को बंद कर दिया है और इसकी जगह पर ‘लाइफ साइकिल फंड्स’ नाम से एक नई कैटेगरी पेश की है। इस कैटेगरी के फंड्स को आमतौर पर रिटायरमेंट और चिल्ड्रन फंड के रूप में जाना जाता था। सेबी के इस फैसले के बाद इस कैटेगरी की 44 फंड स्कीमों पर ताला लग गया है। इससे इन फंड्स में निवेश करने वाले लोगों में चिंता और घबराहट बढ़ गई है, क्योंकि अब सवाल उठ रहा है कि “उनके पैसे का क्या होगा?”

रिटायरमेंट और चिल्ड्रन फंड्स को अलविदा

बाजार नियामक सेबी ने कहा कि सॉल्यूशंस-ओरिएंटेड स्कीम कैटेगरी को 26 फरवरी, 2026 से बंद किया जा रहा है। सॉल्यूशंस-ओरिएंटेड फंड्स को आमतौर पर रिटायरमेंट और चिल्ड्रन फंड के रूप में जाना जाता था। इन फंड्स में कम से कम पांच साल की अनिवार्य लॉक-इन अवधि होती थी। ये फंड्स पेश की गई नई कैटेगरी ‘लाइफ साइकिल फंड्स’ की तुलना में स्थिर एसेट एलोकेशन स्ट्रैटेजी पर चलते थे।

Also Read: रिटायरमेंट और चिल्ड्रन फंड्स को अलविदा, SEBI लाया नया Life Cycle Funds; क्या है इसमें खास?

सर्कुलर में कहा गया है, “सॉल्यूशंस-ओरिएंटेड स्कीम्स कैटेगरी को सर्कुलर जारी होने की तारीख से समाप्त किया जा रहा है। इस कैटेगरी की मौजूदा योजनाएं तुरंत सभी सब्सक्रिप्शन बंद करेंगी। ऐसी योजनाओं को किसी अन्य योजना के साथ मर्ज किया जाएगा, जिसका एसेट एलोकेशन और रिस्क प्रोफाइल समान हो, और इसके लिए SEBI की पूर्व अनुमति आवश्यक है।”

44 म्युचुअल फंड स्कीमों पर लगा ताला

चिल्ड्रन फंड्स कैटेगरी में कुल 15 योजनाएं हैं, जबकि रिटायरमेंट फंड में 29 योजनाएं चल रही थीं। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) डेटा के मुताबिक, दिसंबर 2025 तक रिटायरमेंट फंड का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 32,828.5 करोड़ रुपये था और इसके फोलियो की संख्या 30,42,915 थी। इसी दौरान चिल्ड्रन फंड का AUM 25,626.15 करोड़ रुपये था और इसके फोलियो की संख्या 31,91,201 थी।

इन दोनों फंड्स को मिलाकर सॉल्यूशंस-ओरिएंटेड स्कीम कैटेगरी का कुल AUM 58,454.65 करोड़ रुपये और कुल फोलियो 62,34,116 बनता है। यह साफ दिखाता है कि बच्चों और रिटायरमेंट के लिए निवेश की ये योजनाएं कितनी लोकप्रिय रही हैं। लेकिन अब SEBI के इस सर्कुलर से एक ही झटके में इस कैटेगरी में चल रही 44 स्कीमों पर ताला गया है। इससे इन फंड्स में निवेश करने वाले लोगों में चिंता और घबराहट बढ़ गई है, क्योंकि अब सवाल उठ रहा है कि “उनके निवेश का क्या होगा?”

Also Read: सेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स की चमक पड़ी फीकी, जनवरी में निवेश 88% गिरा; अब निवेशक क्या करें?

निवेशकों के पैसों का क्या होगा?

मौजूदा निवेशकों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। SEBI ने साफ किया है कि सॉल्यूशन-ओरिएंटेड स्कीम्स में नए सब्सक्रिप्शन बंद कर दिए जाएंगे और इन्हें किसी अन्य स्कीम के साथ मर्ज किया जाएगा, जिसकी एसेट एलोकेशन और रिस्क प्रोफाइल समान हो, और इसके लिए नियामक की मंजूरी आवश्यक होगी। इसका मतलब है कि आपका निवेश बंद नहीं होगा, लेकिन समय के साथ यह किसी अलग कैटेगरी में शिफ्ट हो सकता है। कोर पोर्टफोलियो और रिस्क प्रोफाइल आमतौर पर समान बने रहने की उम्मीद है। हालांकि मर्ज और री-कैटेगराइजेशन प्रक्रिया के दौरान स्कीम का नाम, स्ट्रक्चर या उसका मकसद बदल सकता है।

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First Published - February 27, 2026 | 4:23 PM IST

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