facebookmetapixel
FPIs ने भारतीय बाजार से जनवरी में निकाले ₹36,000 करोड़, STT बढ़ोतरी से आगे भी दबाव की आशंकाBudget 2026: इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए ₹40,000 करोड़ का फंड, सेमीकंडक्टर हब बनेगा भारतGold-Silver Price Crash: चांदी 4 दिन में ₹2 लाख तक टूटी! सोना भी 24% फिसला; आगे क्या फिर चमकेगा?₹400 के पार जाएगा NTPC? तीन ब्रोकरेज ने दी BUY की सलाहडिविडेंड और म्युचुअल फंड इनकम पर ब्याज कटौती खत्म, कैसे बढ़ेगा आपका टैक्स बोझ? ₹1 लाख के कैलकुलेशन से समझेंसरकार की रणनीति समझिए, बजट में छिपा है बड़ा संदेशक्या प्रदूषण से हो रही मौतों को स्वीकार करने से बच रही सरकार? दो सरकारी विभागों में ही इसपर बड़ा विरोधाभासBank Stocks: SBI, BOB, Indian Bank क्यों टूटे? 2 दिन में 8% की बड़ी गिरावटUnion Budget 2026 Decoded: निरंतरता या बदलाव?‘सोना-चांदी-बिटकॉइन की गिरती कीमतें एक बड़ा मौका’, रॉबर्ट कियोसाकी ने निवेशकों से ऐसा क्यों कहा?

RBI का अगले वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 6.4 फीसदी रहने का अनुमान

अर्थव्यवस्था की चुनौतियों से निपटने के लिये मौद्रिक नीति के स्तर पर तत्परता से कदम उठाने का सिलसिला जारी रहेगा

Last Updated- February 08, 2023 | 7:49 PM IST
Editorial: Risks to growth
PTI

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को वैश्विक स्तर पर संकट को देखते हुए अगले वित्त वर्ष 2023-24 में आर्थिक वृद्धि दर धीमी पड़कर 6.4 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। यह पिछले दिनों संसद में पेश आर्थिक समीक्षा के अनुमान के अनुरूप है।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के पहले अग्रिम अनुमान के अनुसार, 2022-23 में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर सात फीसदी रहेगी। आर्थिक समीक्षा 2022-23 में अगले वित्त वर्ष में स्थिर मूल्य पर वृद्धि दर 6.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है।

रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास ने चालू वित्त वर्ष की आखिरी द्विमासिक मॉनेटरी पॉलिसी रिव्यू पेश करते हुए कहा कि उतार-चढ़ाव भरे वैश्विक घटनाक्रमों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था जुझारू बनी हुई
है।

दास ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी और तीसरी तिमाही के लिए उपलब्ध आंकड़ों से पता चलता है कि देश में आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं। लोगों का विवेकाधीन खर्च बढ़ने की वजह से शहरी मांग बढ़ रही है। विशेष रूप से सेवाओं मसलन यात्रा, पर्यटन और आतिथ्य पर लोगों का खर्च बढ़ रहा
है।

दास ने कहा, ‘ग्रामीण मांग में भी सुधार के संकेत हैं। दिसंबर माह के ट्रैक्टर और दोपहिया बिक्री आंकड़ों से यह पता चलता है।’ गवर्नर ने कहा कि सालाना आधार पर यात्री वाहनों की बिक्री तथा घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या बढ़ी है। कई अन्य संकेतक भी गतिविधियों में तेजी की ओर इशारा कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें : RBI Repo Rate Hike : आरबीआई ने रीपो रेट में किया 0.25 फीसदी का इजाफा, बढ़ सकती है लोन की EMI

उन्होंने कहा कि निवेश गतिविधियां भी बढ़ रही हैं। गैर-खाद्य कर्ज 27 जनवरी, 2023 तक सालाना आधार पर 16.7 फीसदी बढ़ा है। वाणिज्यिक क्षेत्र को संसाधनों का कुल प्रवाह 2022-23 में अबतक बढ़कर 20.8 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो एक साल पहले 12.5 लाख करोड़ रुपये था।

गवर्नर ने कहा कि इन सब बातों को ध्यान में रखकर हमारा अनुमान है कि 2023-24 में स्थिर मूल्य पर आर्थिक वृद्धि दर 6.4 फीसदी रहेगी। पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर 7.8 फीसदी, दूसरी तिमाही में 6.2 फीसदी, तीसरी तिमाही में छह फीसदी और चौथी तिमाही में 5.8 फीसदी रहेगी।

First Published - February 8, 2023 | 12:05 PM IST

संबंधित पोस्ट