आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि देहरादून के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश षष्ठम पंकज तोमर ने 19 अक्तूबर, 2007 को हुई दीपक की हत्या के मामले में कल उसकी पत्नी बबीता और उसके पुरूष मित्र मंगल को दोषी ठहराते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई ।
न्यायाधीश ने दोनों दोषियों पर दस-दस हजार रूपये का अर्थदंड भी लगाया है ।
बबीता और मंगल पर हत्या का आरोप सिद्ध करने के लिये अभियोजन पक्ष ने कुल 11 गवाह पेश किये जिसमें सबसे अहम गवाही घटना के वक्त मौजूद महिला के पांच वर्षीय पुत्र सुशांत की रही । सुशांत ने बताया कि उसने अपनी मां और मंगल को पिता का गला दबाते हुए देखा था । सुशांत की बात की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी हुई जिसमें मृतक दीपक के गले की हड्डियां टूटी हुई पायी गयीं ।
भाषा दीप्ति
नननन