अभियोजन पक्ष के अनुसार भीमपुरा क्षेत्र के सतुहाड़ी गांव में चार मई 2004 की रात को बारात में नाच-गाना देखने को लेकर हुए विवाद में वीरेन्द्र नामक व्यक्ति की लाठी-डंडे, फरसे तथा भाले से प्रहार करके हत्या कर दी गयी थी। इस मामले में 13 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
जिला न्यायाधीश चिंतामणि तिवारी ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कल मामले के आठ आरोपियों दयानन्द, अनिल, विजय, विनोद, जंगली, सुभाष चन्द्र, नथुनी और धर्मेन्द्र को आजीवन कारावास तथा 10-10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनायी।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान दो आरोपियों को नाबालिग करार दिया गया लिहाजा उनका मामला किशोर न्यायायल में विचाराधीन है। इसके अलावा मुकदमा विचारण के दौरान दो आरोपियों की मृत्यु हो गयी। एक आरोपी को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया।
भाषा सं. सलीम गोस्वामी