पिता ने एनसीडब्ल्यू और गुजरात महिला आयोग को लिखे पत्र में कहा है, यह मेरी बेटी की गंभीर इच्छा है कि आगे की कोई जांच जरूरी नहीं है जैसी राजनीतिक रूप से मांग की जा रही है।
उन्होंने दो पन्नों के पत्र में कहा है, अपनी बेटी की ओर मैं अपील करता हूं कि मेरे अनुरोध पर जो भी मदद की गयी, उसकी जानकारी उसे भी थी और यह उसके हित, सुरक्षा के लिए थी। उसकी निजता का कोई हनन नहीं हुआ जैसा पेश करने की कोशिश की गयी है।
उन्होंने कहा, मेरी बेटी वास्तुकार और शिक्षित है। वह शादीशुदा है और अपनी निजी जिंदगी एवं निजता में घुसपैठ से वह बेहद परेशान है। उसकी गुममानी और वह कहां है, का लोगों को पता नहीं चले- यह सुनिश्चित करने के लिए उसने मुझसे अपनी ओर से यह पत्र माननीय आयोग को लिखने का अनुरोध किया है।