न्यायमूर्ति सिंघवी आज यहां आज एक निजी विधि महाविद्यालय की ओर से वैधानिक विकास में न्यायाधीशों की भूमिका विषयक संगोष्ठी को सम्बोधित कर रहे थे । उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार, राइट टू रिजेक्ट जैसे कानूनों के निर्माण में न्यायाधीशों की भूमिका ने संवैधानिक विकास में अहम योगदान किया है। राजनीति के क्षेत्र में, चुनाव के क्षेत्र में अपराधियों को हटाने में भी न्यायाधीशों की भूमिका अभूतपूर्व सि हुई है।
राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जे.के. रांका ने कहा कि वर्तमान में न्यायाधीशों ने गरीब और पिड़े हुए आमजनों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। चुनावों से संबंधित कानूनों, योजनाओं और राजनैतिक सुधार तंत्र को न्यायाधीशों ने अपने फैसलों से मजबूती प्रदान कर भारतीय संवैधानिक विकास में अभूतपूर्व योगदान दिया है।
राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एम.एन. भंडारी ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान से भी अधिक भारत का संविधान महत्वपूर्ण है क्योंकि यह लिखित है और इसका निर्माण सामाजिक विकास के लिए हुआ है। आज राजनीति में दागी नेताओं को हटाने, राइट टू रिजेक्ट लाने में न्यायाधीशोें की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
भाषा अनिल
नननन