Business Standard
Advertisement
भारतीय पुलिस ने किया 5 लाख से ज्यादा फर्जी जीमेल अकाउंट के नेटवर्क का पर्दाफाश, अब गूगल से करेगी पूछताछ‘देश को दें सर्वोच्च प्राथमिकता’, जेन जी और जेन अल्फा से बोलीं सीतारमण, कहा: नेतृत्व संभालने को रहें तैयारRBI की डॉलर-रुपया स्वैप से मिली बड़ी राहत, अब टिकाऊ और बिना कर्ज वाली विदेशी पूंजी पर जोर जरूरीवैश्विक व्यापार नीतियों में बढ़े विरोधाभास, अमेरिका-चीन से भारत तक दोहरे मानदंडों ने बढ़ाई चिंताEditorial: UPI को टिकाऊ बनाने की नई कोशिश, ₹2,000 से ऊपर के भुगतान पर चार्ज लागूकच्चे तेल की तेजी और अमेरिकी यील्ड बढ़ने से शेयर बाजार धड़ाम, निफ्टी 279 अंक और सेंसेक्स 778 अंक टूटाटाटा संस की लिस्टिंग से पहले RBI ने उठाया बड़ा कदम, संभावित कानूनी चुनौती को लेकर बॉम्बे HC में कैविएट दायरMeta साझा करेगी बाल यौन शोषण से जुड़े खातों की जानकारी, भारत में ऐसा करने वाली पहली सोशल मीडिया कंपनीफ्लिपकार्ट ने त्योहारी मांग के लिए खोले 2.5 लाख रोजगार के मौके, 60% नौकरियां डिलिवरी मेंPhonePe की अगले दशक की योजना, भुगतान से निवेश और कर्ज तक बढ़ेगा कारोबार
अन्य समाचार महज 31 फीसदी घरों में नल का पानी चिंता का विषय :कंेद्र
'

महज 31 फीसदी घरों में नल का पानी चिंता का विषय :कंेद्र

PTI

- February,20 2013 2:13 AM IST

पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री :स्वतंत्र प्रभार: भरत सिंह सोलंकी ने यहां कहा कि यह चिंता की बात है कि सिर्फ 30. 80 फीसदी ग्रामीण घरांे में नल के जरिए जलापूर्ति हो रही है।

उन्होंने कहा कि बिहार, झारखंड, असम, ओडि़शा और मध्यप्रदेश जैसे राज्य नल के जरिए पानी की आपूर्ति करने के मामले में पीछे छूट गए हैं।

सोलंकी ने कहा कि 22 फीसदी ग्रामीण घरों के लोग आधा किलोमीटर से अधिक दूर स्थित स्रोतों से पेयजल लाते हैं। मणिपुर, त्रिपुरा, ओडि़शा, मेघालय, झारखंड और मध्य प्रदेश में ऐसे घरों की संख्या कहीं अधिक है।

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement