कैग ने कहा कि रखरखाव और आयातित यूरिया की बिक्री के अनुबंध के लिए लागत के अनुपयुक्त अनुमान के परिणामस्वरूप 44.81 करोड़ रपये का घाटा हुआ है।
वर्ष 2007..12 के दौरान आरसीएफ ने केन्द्र की ओर से विभिन्न राज्य सरकारों को 56.77 लाख टन आयातित यूरिया का वितरण किया।