पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव गहराने से दुबई का लक्जरी आवासीय बाजार थोड़ा सुस्त हो गया है और निवेशक थोड़ा चिंतित नजर आ रहे हैं। ऐसे में भारतीय लोग खाड़ी अमीरात में मौजूद अपनी प्रमुख संपत्तियों को लेकर सतर्क जरूर हैं, लेकिन वे यहां अपने महंगे घरों को बेचकर निकलने के बारे में जल्दबाजी में […]
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पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के असर के कारण बड़ी ट्रैवल कंपनियों का जोर उस तरह की यात्राओं की बुकिंग पर अधिक कंपनियों के कामकाज संबंधी यात्रा (कॉरपोरेट ट्रैवल) पर ज्यादा हो सकता है। इस संकट से बाहरी यात्रा के लिए हवाई किराये में बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे अवकाश यात्रा पर भी कुछ […]
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कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति के लगातार दबाव के चलते मौजूदा वित्त वर्ष में भारत के सरकारी बॉन्ड की यील्ड ऊंची बने रहने की उम्मीद है। बाजार के जानकारों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच (जिनसे रुपया दबाव में रह सकता है) बेंचमार्क 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड अप्रैल के आखिर […]
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दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी एनवीडिया कॉर्प का बाजार पूंजीकरण तेज़ी से भारत के पूरे शेयर बाजार के बराबर पहुंच रहा है जो आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) की मौजूदा तेज रफ्तार को दिखाता है। एक साल पहले एआई चिप बनाने वाली इस कंपनी का मूल्यांकन भारत के कुल बाजार पूंजीकरण के आधे से भी कम था। […]
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वैश्विक सूचकांक प्रदाता एमएससीआई इंक. के इस फैसले से भारत पर कोई खास असर नहीं होगा जिसके तहत वह मई 2027 तक ग्रीस को उभरते बाजार से हटाकर विकसित बाजार (डीएम) श्रेणी में शामिल करेगा। विश्लेषकों का कहना है कि इस कदम से पैसिव आवंटन में बस मामूली बढ़ोतरी होगी। अभी एमएससीआई ईएम इंडेक्स में […]
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निफ्टी 50 में बुधवार को जोरदार उछाल आई। लेकिन वह अपनी शुरुआती बढ़त बरकरार नहीं रख पाया। इससे यह साफ हो गया कि 23,000 के स्तर के पास लगातार रुकावट बनी हुई है और निकट भविष्य के लिहाज से तकनीकी स्थिति कमजोर है। बेंचमार्क इंडेक्स 22,679 पर बंद हुआ। इसमें 348 अंकों यानी 1.6 फीसदी […]
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घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को वैश्विक बाजारों की तरह तेजी की लहर दिखी। ऐसा तब हुआ जब अमेरिका ने ईरान के साथ लड़ाई खत्म करने के लिए एक संभावित समय सीमा का संकेत दिया। इससे कच्चे तेल की कीमतों को लेकर चिंता कम हुई और जोखिम लेने की इच्छा बढ़ी। ट्रंप की टिप्पणी के […]
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देश में बहुप्रतीक्षित जनगणना की औपचारिक शुरुआत एक अप्रैल को हो गई। हर एक दशक में होने वाली जनगणना 2020 में होनी थी लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण यह उस समय नहीं हो सकी। परंतु आर्थिक गतिविधियां सामान्य होने के बाद भी इसे क्यों अंजाम नहीं दिया गया इस बारे में कोई स्पष्टीकरण मौजूद नहीं […]
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सिटी इकनॉमिक रीजन (सीईआर), अर्बन चैलेंज फंड (यूसीएफ) और नगर निगम बॉन्ड की ओर बढ़ता रुझान इस बात की ओर इशारा कर रहा है कि शहरों को केवल फंडिंग से आगे बढ़कर फाइनैंसिंग की दिशा में ले जाया जा रहा है। फाइनैंसिंग के लिए पुनर्भुगतान क्षमता, जोखिम मूल्य का निर्धारण, पारदर्शी अंकेक्षण और राजस्व संबंधी […]
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पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से भारत की आर्थिक समीक्षाओं और वित्त मंत्रियों के सालाना बजट भाषणों में एक मजबूत एवं तरल (लिक्विड) कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार तैयार करने का बार-बार जिक्र हुआ है। भारत के वित्त एवं इनसे जुड़े पहलुओं पर नजर रखने वाले पर्यवेक्षक कई बार ऐसे वादों का गवाह रह चुके हैं। […]
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