फेडरल बैंक का वित्त वर्ष 26 की अक्टूबर-दिसंबर (वित्त वर्ष 26 की तीसरी) तिमाही में शुद्ध लाभ 8.98 प्रतिशत बढ़कर 1,041 करोड़ रुपये रहा जबकि यह बीते साल की इस अवधि में 955 करोड़ रुपये था। इस तिमाही में शुद्ध लाभ बढ़ने का प्रमुख कारण आय में वृद्धि होना है।
इस बैंक का वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में शुद्ध लाभ 955 करोड़ रुपये था। बैंक ने कहा कि शुद्ध ब्याज आय 9.11 प्रतिशत बढ़कर 2,653 करोड़ रुपये हो गई जबकि यह वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में 2,431 करोड़ रुपये थी। बैंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन की वृद्धि वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही के 3.11 प्रतिशत की तुलना में बढ़कर वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में 3.18 प्रतिशत हुई। बैंक की गैर ब्याज आय सालाना आधार पर 20 प्रतिशत बढ़कर 1,100 करोड़ रुपये हो गई। बैंक ऋण के मामले में मध्यम यील्ड परिसंपत्तियां – वाणिज्यिक, संपत्ति पर ऋण (एलएपी) और स्वर्ण ऋण खंड सहित अन्य तेजी से बढ़ते खंडों पर है।
बैंक के प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्यपालक अधिकारी के.वी.एस. मणियन ने संवाददाताओं के साथ बातचीत में कहा, ‘हमारी मंशा ऋण और जमा पर वृद्धि को कायम रखने की है जिस पर बीती दो तीन तिमाहियों से वृद्धि जारी है।’
एलटी फाइनैंस लिमिटेड (एलटीएफ) का दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही (वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही) में शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 18 प्रतिशत बढ़कर 739 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध लाभ मुख्य तौर पर ब्याज मार्जिन सहित शुल्क और बही खाते में निरंतर वृद्धि के कारण बढ़ा।