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त्योहारों की धुन में खूब खनकेंगे बर्तन, महंगाई के बावजूद इस बार ज्यादा बिक्री की उम्मीद

भारी बर्तनों की बिक्री दीवाली के बाद शुरु होगी, जबकि छोटे बर्तनों की खरीदारी दशहरे के बाद रफ्तार पकड़ लेगी।

Last Updated- October 24, 2023 | 10:24 PM IST

देश में बर्तन बाजार का शोरूम कहलाने वाले मुंबई के मुंबादेवी बर्तन बाजार में आजकल रौनक ही कुछ और है। हर कोई अपनी दुकानों को सजाने-संवारने में जुटा हुआ है।

दिल्ली में डिप्टीगंज के थोक बर्तन बाजार में भी गहमागहमी बढ़ गई है और थोक कारोबारियों के पास ऑर्डर आने लगे हैं। बर्तन कारोबारी भी धनतेरस, दीवाली और शादी विवाह का सीजन शुरू होने से पहले स्टील, तांबा, सिल्वर और पीतल के बर्तनों का स्टॉक जमा करने लगे हैं।

मुंबादेवी थोक बाजार के दुकानदारों को उम्मीद है कि महंगाई बढ़ने के बावजूद इस बार पिछले साल से ज्यादा बिक्री होगी। इसलिए दुकानों को चमकाया जा रहा है। आगे की ओर नई वैरायटी के छोटे बर्तन सज रहे हैं ते पुरानी वैरायटी के बर्तन पीछे की तरफ लगाए जा रहे हैं। ग्राहक इस समय हल्के बर्तन खरीदना ही पसंद करते हैं, इसलिए छोटे बर्तन सबसे आगे सजाए जा रहे हैं।

बर्तन कारोबारियों के संगठन स्टेनलेस स्टील मर्चेंट एसोसिएशन के सचिव कल्पेश शाह कहते हैं कि खरीदारी का सीजन दशहरे के बाद शुरू होता है और इस साल 25 अक्टूबर से खरीदारी रफ्तार पकड़ना शुरू कर देगी। कोरोना महामारी के दौरान त्योहार फीके थे मगर पिछले साल त्योहारों पर बर्तन बाजार में रौनक लौट आई।

उन्होंने कहा कि इस साल तो सभी बाजारों में रौनक है, इसलिए पिछले साल से ज्यादा बिक्री रहने की उम्मीद है। कंपनियों से भी मांग अच्छी आने की उम्मीद है। पहले की तरह इस बार भी कंपनियां अपने कर्मचारियों को बर्तन उपहार में देंगी, जिससे बिक्री 20 फीसदी तक अधिक होने का अनुमान है।

मगर बर्तन खरीदने के लिए इस बार ग्राहकों को पिछले साल से ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी। बर्तन कारोबारियों के संगठनों की मानी जाए तो पिछले तीन महीने में स्टेनलेस स्टील की कीमत 10-15 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ने से बर्तनों के दाम भी करीब 15 फीसदी अधिक हैं।

मुंबई और आसपास के इलाकों में बर्तनों की करीब 1,000 दुकानें हैं। मुंबई से सटे भायंदर में बर्तन के सैकड़ों कारखाने हैं। वहां ऐसे ही एक कारखाने के मालिक वासुदेव गुप्ता कहते हैं कि अब लोग पीतल के बर्तन बहुत खरीदते हैं। कुछ लोग पूजा की थाली के साथ पूजा के लिए पीतल के बर्तन खरीदते हैं।

अधिकांश लोग स्टील के बर्तनों की मांग करते हैं। स्टील के फैंसी आइटम के ऑर्डर ज्यादा आएं हैं। गुप्ता के मुताबिक शहरी इलाकों में हल्के बर्तनों की मांग है, लेकिन ग्रामीण इलाकों से अब भी शादी विवाह के लिए बड़े और वजनदार बर्तनों की मांग आ रही है।

भारी बर्तनों की बिक्री दीवाली के बाद शुरु होगी, जबकि छोटे बर्तनों की खरीदारी दशहरे के बाद रफ्तार पकड़ लेगी। इसलिए दुकानदार फिलहाल छोटे और फैशनेबल बर्तन मंगवा रहे हैं।

दिल्ली में डिप्टी गंज बर्तन बाजार में 300 कारोबारी हैं, जो दिल्ली ही नहीं अन्य राज्यों को भी बर्तन उपलब्ध कराते हैं। दिल्ली के बर्तन कारोबारियों के मुताबिक इस साल बर्तन कारोबार बढ़कर 1,200 से 1,500 करोड़ रुपये तक रहने का अनुमान है।

बर्तन व्यापार महासंघ, दिल्ली प्रदेश के महामंत्री मनमोहन धींगड़ा ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि कोरोना की मार से उबरे बर्तन बाजार में पिछले साल भी बिक्री खूब रही। इस साल त्योहारी सीजन में बर्तनों की बिक्री 10 से 15 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है।

इस साल कंपनियां कर्मचारियों को गिफ्ट देने के लिए भी बर्तनों की ज्यादा खरीद कर सकती हैं। मगर अभी ऑर्डर मिले नहीं हैं। बड़े कारोबारियों से बर्तन के ऑर्डर आने लगे हैं, जो पिछले साल से अधिक हैं। धनतेरस के लिए 5 बर्तनों के सेट की मांग ज्यादा है। कलर कोटेड बर्तनों की भी खूब मांग है।

कच्चा माल और बर्तन बनाने की अन्य लागत बढ़ने से इस बार दाम भी 10 फीसदी तक अधिक हैं। मगर दाम बढ़ने का मांग पर असर होता नहीं दिख रहा है।

बर्तन कारोबारी सतीश जैन कहते हैं कि इस साल भी बर्तनों की मांग ठीक रहने की संभावना है। लेकिन बिक्री का सही अंदाजा दीवाली से 10 दिन पहले पता लगेगा। कारोबारियों के मुताबिक इस समय धनतेरस की खरीद के साथ ही शादियों के लिए भी बर्तनों के ऑर्डर मिलने शुरू हो गए हैं।

First Published - October 24, 2023 | 10:24 PM IST

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