facebookmetapixel
Stock Market: बिकवाली के दबाव में बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी फिसलेBudget 2026: क्यों टैक्स एक्सपर्ट न्यू टैक्स रिजीम में अभी और सुधार की मांग कर रहे हैं?Sugar Production: महाराष्ट्र की ‘मीठी’ बढ़त से चीनी उत्पादन में उछाल, देश में 22% ग्रोथGCC बना ग्रोथ इंजन, भारत का ऑफिस मार्केट नई ऊंचाइयों पर, 2026 तक आधे से ज्यादा हिस्सेदारी का अनुमानTata Capital Q3 Results: मुनाफा 16.9% उछलकर ₹1,256.87 करोड़ पर पहुंचा, NII में भी जबरदस्त ग्रोथSEBI का नया प्रस्ताव: ₹20,000 करोड़ AUM वाले इंडेक्स अब नियमों के दायरे में आएंगेSBI YONO यूजर्स को सरकार की चेतावनी: फर्जी आधार APK से रहें सावधान, नहीं तो होगा भारी नुकसानFlexi-Cap Funds: 2025 में रहा सुपरस्टार, AUM ₹5.52 लाख करोड़; फंड मैनेजर पर है भरोसा तो करें निवेशRealty Stock: नतीजों के बाद बनेगा रॉकेट! ब्रोकरेज ने BUY रेटिंग के साथ दिया 61% अपसाइड का टारगेटQ3 रिजल्ट के बाद PNB का शेयर 52-वीक हाई से 5.37% नीचे लुढ़का; जानें क्या है कारण

ICICI बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक पर रिजर्व बैंक ने लगाया जुर्माना

रिजर्व बैंक की कार्रवाई के बाद आईसीआईसीआई बैंक को जुर्माने के तौर पर 12.19 करोड़ रुपये चुकाने होंगे।

Last Updated- October 17, 2023 | 11:00 PM IST
ICICI Bank के आ सकते हैं उजले दिन, शेयर में 19 फीसदी रिटर्न की उम्मीद Bright days may come for ICICI Bank, 19 percent return expected in shares

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने निजी क्षेत्र के दो बैंकों आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) व कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) पर जुर्माना लगाया है।

आईसीआईसीआई बैंक को जुर्माने के तौर पर 12.19 करोड़ रुपये चुकाने होंगे क्योंकि नियामक ने 31 मार्च, 2020 व 31 मार्च, 2021 की वित्तीय स्थिति की जांच में पाया कि बैंक ने उन कंपनियों को कर्ज आवंटित किया, जहां बैंक के बोर्ड दो निदेशक उस कंपनी में भी निदेशक हैं।

आईसीआईसीआई बैंक को गैर-वित्तीय योजनाओं के विपणन व विक्री में भी शामिल पाया गया और बैंक तय समयसीमा के भीतर आरबीआई को धोखाधड़ी की सूचना देने में नाकाम रहा।

कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) पर 3.95 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया गया है क्योंकि उसने तय समय से पहले कर्ज चुकाने पर शुल्क लगाया जबकि लोन एग्रीमेंट में इस तरह का जुर्माना लगाने का कोई उपबंध नहीं था।

आरबीआई (RBI) ने बैंक की 31 मार्च, 2022 की वित्तीय स्थिति में पाया कि उसने आरबीआई के कुछ निश्चित नियमों का अनुपालन नहीं किया, जिसमें सेवा प्रदाता की वार्षिक समीक्षा/ड्यू डिलिजेंस करने में नाकाम रहना और यह सुनिश्चित करने में भी नाकाम रहना शामिल है कि ग्राहकों से शाम सात बजे के बाद और सुबह सात बजे से पहले संपर्क नहीं किया जाए।

यह भी पाया गया कि कोटक महिंद्रा बैंक ने वितरण की वास्तविक तारीख के बजाय वितरण के ड्यू डेट से ब्याज लगा दिया, जो आवंटन की सेवा शर्तों के उलट है।

(डिस्क्लोजर : बिजनेस स्टैंडर्ड प्राइवेट लिमिटेड में कोटक फैमिली के नियंत्रण वाली इकाइयों की बहुलांश हिस्सेदारी है)

First Published - October 17, 2023 | 11:00 PM IST

संबंधित पोस्ट