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बिज़नेस स्टैंडर्ड

Ola इलेक्ट्रिक ने IPO से पहले घटाया बिक्री लक्ष्य

सरकारी प्रोत्साहन में कटौती से ई-स्कूटर की कीमतों में हुए इजाफे के बाद ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric) ने 2023-25 के लिए अपने बिक्री लक्ष्य में कमी की है और कंपनी के लाभ में आने का लक्ष्य एक साल आगे बढ़ा…

Relief to buyers, charger bill will not be added separately to the price of OLA, Ather e-scooters

Relief to buyers, charger bill will not be added separately to the price of OLA, Ather e-scooters

Last Updated: दिसंबर 6, 2023 | 9:52 PM IST

सरकारी प्रोत्साहन में कटौती से ई-स्कूटर की कीमतों में हुए इजाफे के बाद ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric) ने 2023-25 के लिए अपने बिक्री लक्ष्य में कमी की है और कंपनी के लाभ में आने का लक्ष्य एक साल आगे बढ़ा दिया है। एक दस्तावेज और सूत्रों के हवाल से यह जानकारी मिली है।

लक्ष्य घटाने की ओला की कवायद 70 करोड़ डॉलर का आईपीओ लाने की कंपनी की योजना से पहले देखने को मिल रही है। हालांकि सॉफ्टबैंक समर्थित कंपनी तेजी से बढ़ रहे ई-स्कूटर बाजार में अग्रणी बनी हुई है। यह कंपनी खुद को पश्चिम की टेस्ला की उपमा देती है।

मई में सरकार ने कोई वजह बताए बिना ई-स्कूटर खरीदारों के लिए उपलब्ध नकद प्रोत्साहन में कटौती कर दी थी। ओला के सीईओ भाविश अग्रवाल ने तब कहा था कि प्रोत्साहन में कटौती से बिक्री पर अल्पावधि का असर होगा और कंपनी ने कहा कि इस कदम का वॉल्यूम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

ओला के वित्तीय अनुमान वाले एक आंतरिक दस्तावेज के हवाले से रॉयटर्स ने कहा, इससे पता चलता है कि कंपनी अब मौजूदा वित्त वर्ष में 3 लाख ई-स्कूटर की बिक्री की उम्मीद कर रही है, जो पहले के 8.82 लाख बिक्री के लक्ष्य से दो तिहाई कम है।

मौजूदा वित्त वर्ष में राजस्व लक्ष्य अब 59.1 करोड़ डॉलर है, जो पहले 1.55 अरब डॉलर रहने का अनुमान जताया गया था, यानी करीब 60 फीसदी कम।

एक बयान में ओला ने न तो इस दस्तावेज पर कोई टिप्पणी की और न ही आंतरिक अनुमान में कटौती की बात मानी। कंपनी ने कहा कि भविष्य के वित्तीय लक्ष्यों का सत्यापन होना अभी बाकी है। ओला ने कहा, यह पूरी तरह से कंपनी की गोपनीय सूचना है।

सूत्रों ने कहा, सरकार की कम सब्सिडी के कारण लक्ष्य घटाए गए हैं। उन्होंने कहा, लक्ष्य इसलिए घटाए गए हैं ताकि कंपनी इसे पूरा कर सके या इससे आगे निकल सके और यही निवेशक देखना चाहते हैं।

भारत में ई-स्कूटर की बिक्री 2022-23 के दौरान एक साल पहले के मुकाबले तीन गुनी होकर 7 लाख से ज्यादा हो गई और ओला बाजार की अग्रणी रही। यह अभी भी देश में बिकने वाले 1.5 करोड़ से ज्यादा दोपहिया का एक हिस्सा भर है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) चाहते हैं कि साल 2030 तक सभी नए दोपहिया इलेक्ट्रिक होने चाहिए। भारत अब कर पूर्व कीमत का 15 फीसदी ई-स्कूटर के लिए प्रोत्साहन के तौर पर देता है, जो पहले 40 फीसदी था, जिससे कीमतें ज्यादा हो गई हैं। सरकार की प्रोत्साहन कटौती से पूर्व ओला 2023-24 में 22 करोड़ डॉलर के पहले परिचालन लाभ की उम्मीद कर रही थी।

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