facebookmetapixel
Advertisement
अमेरिका-ईरान समझौते का दिख रहा असर, होर्मुज स्ट्रेट से भारत के लिए रवाना हुए उर्वरकों से लदे 4 जहाजब्रह्मोस मिसाइल का नया अवतार: वजन में हल्की और स्टेल्थ तकनीक से लैस, दुश्मनों के छूटेंगे पसीनेMeta की बड़ी डील: फिनटेक कंपनी CRED में लगाए 90 करोड़ डॉलर, कुणाल शाह बने व्हाट्सऐप के ग्लोबल हेडइन्फो एज का बड़ा दांव: 50 से अधिक AI और डीप-टेक स्टार्टअप्स में किया ₹1,000 करोड़ से ज्यादा का निवेशब्रिटिश पीएम कीर स्टॉर्मर का भावुक इस्तीफा, क्या अधर में लटक जाएगा भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता?US ट्रेड डील पर पीयूष गोयल ने कहा: समय सीमा की चिंता अमेरिका की है, मुझे इसकी कोई फिक्र नहींआर्थिक मोर्चे पर झटका: मई में 7 महीने के निचले स्तर 0.5% पर आई भारत के 8 मुख्य सेक्टर्स की ग्रोथरिकॉर्ड उछाल: भारत में शुद्ध FDI 4 गुना बढ़कर $6.58 अरब के पार, विदेशी निवेशकों का बढ़ा भरोसाUS-Iran Peace Deal: उपराष्ट्रपति जेडी वेंस बोले- ईरान से बातचीत ने युद्ध खत्म करने की मजबूत नींव रखीअमेरिकी अर्थव्यवस्था के ‘धुरंधर’ और फेड के पूर्व प्रमुख एलन ग्रीनस्पैन का निधन, 100 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

यूपीआई से लेन-देन का नया रिकॉर्ड

Advertisement
Last Updated- May 02, 2023 | 9:22 AM IST
UPI payment

अप्रैल में यूनाइटेड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) से लेन-देन मूल्य के हिसाब से 14.07 लाख करोड़ रुपये और मात्रा के हिसाब से 8.9 अरब पर पहुंच गया है। इसमें मार्च के 14.05 लाख करोड़ रुपये और 8.7 अरब की तुलना में क्रमशः 0.14 प्रतिशत और 2 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी हुई है।

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल के अंतिम 3 दिन में करीब 1.37 लाख करोड़ रुपये के 1 अरब लेन-देन हुए हैं। अप्रैल 2022 की तुलना में पिछले महीने में लेन-देन मात्रा के हिसाब से 59 प्रतिशत और मूल्य के हिसाब से 44 प्रतिशत बढ़ा है। अप्रैल 2022 में 558 करोड़ से ज्यादा लेन-देन हुए, जिनका मूल्य 9.8 लाख करोड़ रुपये था। मार्च की तेजी के बाद यूपीआई से लेन-देन की गति अप्रैल में भी जारी रही।

इसमें साल के अंत में होने वाले लेन-देन, खासकर निवेश संबंधी गतिविधियों, छोटी खरीद और ऑनलाइन भुगतान की भूमिका अहम रही। फरवरी में 12.35 लाख करोड़ रुपये के 7.5 अरब लेन-देन हुए थे।

इमीडिएट पेमेंट सर्विसेज (आईएमपीएस) से लेन-देन में अप्रैल में मामूली गिरावट आई है और यह मात्रा के हिसाब से 49.6 करोड़ और मूल्य के हिसाब से 5.21 लाख करोड़ रुपये रहा है। इसकी तुलना में मार्च 2023 में 5.46 लाख करोड़ रुपये का 49.7 करोड़ लेन-देन हुआ था।

अप्रैल में फास्टैग लेन-देन में मात्रा के हिसाब से 0.47 प्रतिशत की मामूली गिरावट आई है और यह 30.5 करोड़ रहा है। मार्च 2023 में यह 30.63 करोड़ रहा है। बहरहाल मूल्य के हिसाब में यह 2 प्रतिशत बढ़कर 5,149 करोड़ रुपये हो गया है। इस महीने में आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (एईपीएस) में 7 प्रतिशत गिरावट आई है और यह 10.2 करोड़ रहगया है, जो मार्च 2023 में 10.97 करोड़ था। मूल्य के हिसाब से यह 3 प्रतिशत गिरकर अप्रैल में 29,640 करोड़ रुपये रहा है, जो मार्च में 30,541 करोड़ रुपये था।

Advertisement
First Published - May 2, 2023 | 9:22 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement