facebookmetapixel
Advertisement
अमेरिका-ईरान शांति समझौते से किन सेक्टरों को होगा सबसे ज्यादा फायदा? ब्रोकरेज ने बताए पसंदीदा दांवSEBI फिर खोल सकता है ओपन मार्केट बायबैक का रास्ता, निवेशकों के लिए क्या बदलेगा?होर्मुज स्ट्रेट खुलने की उम्मीद से शेयर बाजार दौड़ा, 2 दिन में निवेशकों की झोली में ₹18 लाख करोड़क्या E20 पेट्रोल भरवाने पर मोटर इंश्योरेंस क्लेम होगा रिजेक्ट? ICICI Lombard ने दूर किया कंफ्यूजनStock Market: सेंसेक्स 736 अंक उछला! ईरान-अमेरिका समझौते से बाजार में आई जोरदार तेजीEPFO UPS Plan: जब चाहो तब जमा करो पैसा, रिटायरमेंट में मिलेगी पेंशनहाइक का सीजन आया, FY27 में कितनी बढ़ेगी आपकी सैलरी?ITR Filing 2026: सिर्फ Form 16 के भरोसे न रहें, वरना आएगा Income Tax Notice;TIS, AIS मिलान भी जरूरी!रुपया गिरा तो अमीरों ने बदली रणनीति! अब भारत नहीं, विदेशों में लगा रहे पैसाITR Filing 2026: ITR-5, ITR-6 या ITR-7? जानें बिजनेस के लिए कौन सा ITR फॉर्म भरना है

निष्पक्ष, पारदर्शी नियामक बने सरकार: नारायणमूर्ति

Advertisement

मूर्ति ने बेंगलूरु टेक समिट में बातचीत के दौरान कहा, सरकार को निष्पक्ष और पारदर्शी नियामक बन जाना चाहिए।

Last Updated- November 30, 2023 | 6:59 AM IST
Narayana Murthy cautions the public not to fall prey to deep fake videos

इन्फोसिस के सह-संस्थापक एन आर नारायणमूर्ति ने कहा है कि मुक्त बाजार और उद्यमिता पर आधारित पूंजीवाद ही भारत व किसी अन्य देश में गरीबी समाप्त करने का एकमात्र समाधान है। ब्रोकरेज फर्म जीरोधा के सह-संस्थापक निखिल कामत संग बातचीत में नारायणमूर्ति ने ये बातें कही।

मूर्ति ने बेंगलूरु टेक समिट में बातचीत के दौरान कहा, सरकार को निष्पक्ष और पारदर्शी नियामक बन जाना चाहिए। उद्यमिता के मामले में उन्हें अहसास होना चाहिए कि वे पूंजीवाद को आगे बढ़ाने वाले हैं क्योंकि भारत में पूंजीवाद मोटे तौर पर काफी नया है।

उद्यमी के लिए मुक्त बाजार की मांग पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि अपने उद्यम के परिचालनके लिएउन्हें निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवावदेही लानी होगी। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि जब वे फैसला लें तो कंपनी के निचले स्तर के कर्मचारी भी उनके फैसले से बेहतर स्थिति में पहुंचे।

मूर्ति ने कहा कि विभिन्न वर्षों में वह भ्रमित वामपंथी से वैसे पूंजीवादी बने जहां कमाई ज्यादा हो, लोगों को भरपूर मदद मिले आदि। पूंजीवाद को आगे बढ़ाने की खातिर नागरिकों को उच्च स्तर की कराधान व्यवस्था के तहत कर चुकाना होगा और विकसित देशों के मुकाबले विकासशील देशों में ज्यादा कराधान होना चाहिए।

मूर्ति ने सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सराहना की है और इसे सही दिसा में उठाया गया कदम बताया है। समय की जरूरत यह है कि बच्चों का दिमाग स्वतंत्र रूप से सोच सके, सक्रियता से सुने और कक्षा में हमारे इर्दगिर्द की समस्या को लेकर उसने क्या सीखा और उसके समाधान के बारे में सोचे।

मूर्ति ने कहा कि बेंगलूरु देश की तकनीकी राजधानी है, जो 75 अरब डॉलर के कुल सॉफ्टवेयर निर्यात में करीब 35-37 फीसदी का योगदान करता है। हालांकि इस शहर को और आकर्षित बनाने के लिए राज्य को अंग्रेजी माध्यम के और स्कूल खोलने के लिए सुविधा देनी चाहिए। समान रूप से यहभी जरूरी है कि शहर के बुनियादी ढांचे में सुधार हो। उन्होंने त्वरित फैसले लेने के मामले में चीन का उदाहरण सामने रखा।

Advertisement
First Published - November 30, 2023 | 6:59 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement