facebookmetapixel
वेनेजुएला संकट: भारत के व्यापार व तेल आयात पर भू-राजनीतिक उथल-पुथल से फिलहाल कोई असर नहींसोमनाथ मंदिर: 1026 से 2026 तक 1000 वर्षों की अटूट आस्था और गौरव की गाथाT20 World Cup: भारत क्रिकेट खेलने नहीं आएगी बांग्लादेश की टीम, ICC से बाहर मैच कराने की मांगसमान अवसर का मैदान: VI को मिलने वाली मदद सिर्फ उसी तक सीमित नहीं होनी चाहिए1985–95 क्यों आज भी भारत का सबसे निर्णायक दशक माना जाता हैमनरेगा भ्रष्टाचार का पर्याय बना, विकसित भारत-जी राम-जी मजदूरों के लिए बेहतर: शिवराज सिंह चौहानLNG मार्केट 2025 में उम्मीदों से रहा पीछे! चीन ने भरी उड़ान पर भारत में खुदरा बाजार अब भी सुस्त क्यों?उत्पाद शुल्क बढ़ते ही ITC पर ब्रोकरेज का हमला, शेयर डाउनग्रेड और कमाई अनुमान में भारी कटौतीमझोले और भारी वाहनों की बिक्री में लौटी रफ्तार, वर्षों की मंदी के बाद M&HCV सेक्टर में तेजीदक्षिण भारत के आसमान में नई उड़ान: अल हिंद से लेकर एयर केरल तक कई नई एयरलाइंस कतार में

निवेश सलाहकारों के खिलाफ SEBI के ज्यादातर आदेश अनधिकृत ट्रेडिंग कॉल से संबंधित

ट्रेडिंग कॉल मुहैया कराने से मतलब इक्विटी डेरिवेटिव जैसे एफऐंडओ, इंट्राडे इक्विटी ट्रेड, नॉन डिलिवरी ट्रेड और लिवरेज ट्रेडिंग पर सलाह से है।

Last Updated- October 03, 2023 | 10:14 PM IST
SEBI

निवेश सलाहकारों के खिलाफ करीब 95 फीसदी प्रत्यावर्तन आदेश अनधिकृत ट्रेडिंग कॉल मुहैया कराने से संबंधित है। एसोसिएशन ऑफ रजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स की तरफ से किए गए विश्लेषण से यह जानकारी मिली।

जनवरी 2019 से जनवरी 2023 के बीच बाजार नियामक सेबी की तरफ से जारी प्रत्यावर्तन आदेश के विश्लेषण से पता चलता है कि कुल 78 आदेश में से 74 ट्रेडिंग कॉल मुहैया कराने वालों के खिलाफ थे, वहीं अन्य परिचालन से जुड़े मसलों से संबंधित थे। इन 74 मामलों में 56 आदेश अपंजीकृत इकाइयों के खिलाफ और 18 पंजीकृत इकाइयों के खिलाफ जारी हुए।

ट्रेडिंग कॉल मुहैया कराने से मतलब इक्विटी डेरिवेटिव जैसे एफऐंडओ, इंट्राडे इक्विटी ट्रेड, नॉन डिलिवरी ट्रेड और लिवरेज ट्रेडिंग पर सलाह से है। निवेश सलाहकारों को बाजार नियामक के पास पंजीकरण करना होता है, जिसके लिए पात्रता की शर्तें हैं और उन पर ट्रेडिंग कॉल मुहैया कराने की पाबंदी होती है।

एसोसिएशन ऑफ रजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स ने कहा, यह विश्लेषण बताता है कि ट्रेडिंग कॉल मुहैया नहीं कराने वाले अपंजीकृत निवेश सलाहकारों और पंजीकृत निवेश सलाहकारों के खिलाफ अलग तरह की कार्रवाई होनी चाहिए क्योंकि उनकी गतिविधियों पर नियामक की तरफ से किसी प्रत्यावर्तन कार्रवाई की दरकार नहीं है।

First Published - October 3, 2023 | 10:12 PM IST

संबंधित पोस्ट