facebookmetapixel
त्योहारी मांग और नीतिगत समर्थन से ऑटो सेक्टर रिकॉर्ड पर, यात्री वाहन बिक्री ने बनाया नया इतिहासTata Motors मजबूत मांग के बीच क्षमता विस्तार पर दे रही जोर, सिएरा और पंच फेसलिफ्ट से ग्रोथ को रफ्तार!अधिग्रहण से अगले वर्ष रेवेन्यू 1.5 फीसदी बढ़ेगा, 5G और एआई पर दांव: एचसीएलटेकक्विक कॉमर्स में अब नहीं होगी ‘10 मिनट में डिलिवरी’! गिग वर्कर्स की सुरक्षा पर सरकार सख्तईरान से व्यापार करने वाले देशों पर ट्रंप का 25% टैरिफ, भारत के बासमती चावल और चाय निर्यात पर मंडराया खतराबजट से पहले क्रिप्टो एक्सचेंजों पर सख्त नियमों की तैयारी, सेबी को मिल सकती है बड़ी नियामकीय भूमिका!Editorial: जर्मन चांसलर मैर्त्स की भारत यात्रा से भारत-ईयू एफटीए को मिली नई रफ्तारवीबी-जी राम जी का बड़ा बदलाव: ग्रामीण बीमा से मैनेज्ड इन्वेस्टमेंट की ओर कदमग्लोबल AI सिस्टम की नई पटकथा लिखी जा रही है, भारत के समक्ष इतिहास रचने का मौकाबाजारों ने भू-राजनीतिक जोखिमों को ध्यान में नहीं रखा, घरेलू मांग बनेगी सुरक्षा कवच

मातिज कार बेचने वाली कंपनी करेगी कमबैक! EV पर चढ़ भारत लौटेगी Daewoo

कंपनी ने भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि और बढ़ती उपभोक्ता मांग को अपनी वापसी योजना का कारण बताया है।

Last Updated- October 20, 2023 | 11:23 PM IST
Govt shifts into high gear to expand subsidies to alt-fuel vehicles

दक्षिण कोरिया का समूह पॉस्को देवू (Posco Daewoo) , जिसकी सिएलो सिडान (Cielo sedan) और मातिज हैचबैक (Matiz) कभी भारतीय कार मालिकों का गौरव हुआ करती थीं, फिर से भारत में प्रवेश करने पर विचार कर रहा है और इसकी वापसी की यह राह इलेक्ट्रिक बाइक तथा ई-साइकिल की ब्रिकी योजना पर आधारित है।

कंपनी ने भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि और बढ़ती उपभोक्ता मांग को अपनी वापसी योजना का कारण बताया है। पॉस्को देवू के महाप्रबंधक वाईएस चोई के अनुसार ये चीजें भारत को दुनिया के सबसे आशाजनक उपभोक्ता बाजारों में से एक बनाती हैं।

कंपनी सौर और इन्वर्टर बैटरी जैसे बिजली और ऊर्जा उत्पाद तथा एलईडी टेलीविजन, एयर प्यूरीफायर और रेफ्रिजरेटर जैसे उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स वस्तुएं भी बेचने पर विचार कर रही है।

देवू ने वर्ष 1995 में सिएलो के साथ भारतीय बाजार में प्रवेश किया था और उसके बाद इसने नेक्सिया और मातिज पेश की। वर्ष 2001 में जनरल मोटर्स (जीएम) ने इसकी भारतीय सहायक कंपनी को छोड़कर कंपनी की परिसंपत्तियां खरीदने का फैसला किया था, जिसके कारण वर्ष 2003-04 में इसे बंद कर दिया गया। आखिर में देवू को भी पॉस्को ने खरीद लिया।

चोई ने कहा कि देवू गुरुग्राम स्थित केल्वोन इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड अप्लायंसेज के साथ साझेदारी करके भारत के अवसर को भुनाने की योजना बना रही है, जिसके पास देश में देवू उत्पादों के निर्माण, विपणन और बिक्री का पर्याप्त अनुभव और क्षमताएं हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय ऊर्जा और बिजली बाजार 100 अरब डॉलर से अधिक का है तथा भारतीय उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार 20 अरब डॉलर से अधिक का अवसर है। कंपनी आने वाले वर्षों में भारतीय इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार के तेजी से बढ़ने पर दांव लगा रही है।

चोई ने कहा कि भारत सरकार इन क्षेत्रों के विकास में भारी निवेश कर रही है तथा हम बैटरी और टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादों के अग्रणी निर्माता हैं। इसलिए इन क्षेत्रों के जरिये भारत में प्रवेश करके हम भारतीय बाजार में दीर्घकालिक सफलता के लिए खुद को स्थापित कर सकते हैं।

चोई ने कहा कि पिछले दो दशकों के दौरान भारत के आर्थिक परिदृश्य में काफी बदलाव आया है। उन्होंने कहा भारत की अनुमानित बाजार वृद्धि के मद्देनजर आज भारत में मौजूद न रहना और इस विकास गाथा का हिस्सा बनना असंभ है।

उन्होंने कहा कि अपनी नवोन्मेषी तकनीक और किफायती कीमतों पर उत्पादों की वजह से देवू भारतीय उपभोक्ताओं की स्वाभाविक पसंद हो सकती है।

इसकी भारतीय साझेदार केलवॉन ने पहले सभी दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए ऑटोमोटिव बैटरी, सौर बैटरी, इन्वर्टर बैटरी और लुब्रिकैंट बेचकर संपूर्ण ऊर्जा और बिजली खंड को दायरे में लेने की योजना बनाई है तथा कारोबार स्थिर होने पर यह अगले वित्त वर्ष में अन्य श्रेणियों में प्रवेश करेगी, जिनमें उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र भी शामिल है।

यह उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की तीन श्रेणियों में प्रवेश करेगी। घरेलू मनोरंजन के मामले में इसकी योजना एलईडी टेलीविजन और ऑडियो स्पीकर पेश करने की है। घरेलू वातावरण के क्षेत्र में इसकी नजर एयर प्यूरीफायर, कूलर और पंखों की बिक्री पर है तथा रसोई उपकरण खंड में यह रेफ्रिजरेटर, वॉटर प्यूरीफायर, हॉब्स, चिमनी, टोस्टर और अन्य उत्पादों की पेशकश करेगी।

First Published - October 20, 2023 | 10:42 PM IST

संबंधित पोस्ट