facebookmetapixel
Advertisement
Q4 Results: ITC का शुद्ध लाभ बढ़ा, जानें नायिका, मैक्स हेल्थकेयर समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्टEditorial: नॉर्डिक देशों के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारीबैंक बोर्ड बैठकों में अहम मुद्दों पर ध्यान नहीं, क्यों जरूरी है गवर्नेंस में बड़ा बदलाव?भारत में तेजी से बदलते रोजगार परिदृश्य पर नीति निर्माताओं को देना होगा ध्यानIPO और Relisted Shares के नियम बदलने की तैयारी, SEBI ने प्राइस डिस्कवरी में बड़े बदलाव सुझाएGift City में एंट्री करेगी QRT, भारत में बढ़ेगी हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग की रफ्तारपरिचालन के मोर्चे पर ओला इलेक्ट्रिक को बढ़त, लेकिन रिकवरी की रफ्तार पर अब भी विश्लेषकों को संशयGold-Silver Price: चांदी में 5,000 रुपये की उछाल, सोना भी मजबूतNCDEX के रेनफॉल फ्यूचर को अदालत में चुनौती देगी स्काईमेट9 दिन बाद संभला रुपया, RBI के दखल और कच्चे तेल में नरमी से मिली बड़ी राहत

भारतीय PE-VC निवेश फिर पहुंचा 60 अरब डॉलर के पार

Advertisement

एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत की PE-VC निवेश की हिस्सेदारी एक ही साल में 15 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 20 प्रतिशत हो गई है

Last Updated- April 19, 2023 | 9:51 AM IST
Tata Communications profit growth

एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत की निजी इक्विटी और वेंचर कैपिटल (पीई-वीसी) निवेश की हिस्सेदारी एक ही साल में 15 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 20 प्रतिशत हो गई है। चीन-प्लस-वन की प्रतिकूल परिस्थिति और भारत की व्यापक मजबूती ने इसे निवेश के लिए उज्ज्वल स्थल बना दिया। 

क्षेत्र में पूंजी प्रवाह में गिरावट के बीच ऐसा हुआ है। भारत में वैश्विक स्तर पर निजी इक्विटी के लिए परेशानी वाले साल में 61.6 अरब का निवेश नजर आया है, जिसमें पिछले साल के 69.8 अरब डॉलर के शीर्ष मूल्य के मुकाबले 12 प्रतिशत की कुछ कमी आई है। इंडियन वेंचर ऐंड अल्टरनेट कैपिटल एसोसिएशन के साथ सहयोग से सलाहकार फर्म बेन ऐंड कंपनी द्वारा जारी ‘इंडिया प्राइवेट इक्विटी रिपोर्ट 2022’ से यह जानकारी मिली है। 2,000 से अधिक सौदों के साथ पिछले वर्षों का मजबूत सौदा प्रवाह जारी रहा। बीएफएसआई, स्वास्थ्य सेवा, ऊर्जा और विनिर्माण के नेतृत्व में पारंपरिक क्षेत्रों ने अनुकूल प्रदर्शन किया और दमदार घरेलू उपभोक्ता धारणा की मदद से 50 प्रतिशत तक बढ़कर 28 अरब डॉलर हो गया। स्वच्छ ऊर्जा में निवेश और ईवी में तेजी की वजह से ईएसजी इस साल प्रमुख विषय के रूप में उभरा। हालांकि उपभोक्ता तकनीक और आईटी/आईटीईएस खंड जैसे क्षेत्रों में गिरावट देखी गई, लेकिन स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के निवेशकों के लिए यह उल्लेखनीय वर्ष रहा।

बेन ऐंड कंपनी के साझेदार और रिपोर्ट के सह-लेखक अर्पण शेठ ने कहा कि निकट अवधि की वैश्विक मंदी के बावजूद भारतीय बाजार की दीर्घकालिक संभावनाएं आशावान बनी हुई हैं। 

Advertisement
First Published - April 19, 2023 | 9:42 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement