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Russia से कोकिंग कोयले का आयात बढ़ाएगा भारत

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दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कच्चे इस्पात का उत्पादक भारत की इस्पात मिलें ऑस्ट्रेलिया से कोकिंग कोयले की कम आपूर्ति का सामना कर रही है।

Last Updated- November 28, 2023 | 10:34 PM IST
Coal import

भारत कोकिंग कोयले का आयात रूस से बढ़ाने वाला है। कोकिंग कोयले का मुख्य रूप से इस्पात विनिर्माण में इस्तेमाल होता है। तीन सरकारी सूत्रों व उद्योग के एक अधिकारी ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया जैसे शीर्ष आपूर्तिकर्ता से आपूर्ति की कमी और कीमते बढ़ने से जूझ रही इस्पात मिलों को ध्यान में रखकर यह कवायद की जा रही है।

दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कच्चे इस्पात का उत्पादक भारत की इस्पात मिलें ऑस्ट्रेलिया से कोकिंग कोयले की कम आपूर्ति का सामना कर रही है। पहले भारत के 7 करोड़ टन इस्पात के सालाना आयात में ऑस्ट्रेलिया की हिस्सेदारी आधे से अधिक थी।

पिछले महीने रखरखाव में कमी, क्वींसलैड से आपूर्ति कम होने और धीमे नेटवर्क के कारण ऑस्ट्रेलियाई कोकिंग कोयले की कीमत 50 फीसदी बढ़कर 350 डॉलर मीट्रिक टन से अधिक हो गई।

केंद्र सरकार के दो सरकारी सूत्रों ने कहा कि इस महीने की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को इस्पात की स्थिर आपूर्ति का आश्वासन दिया था। भारत ऑस्ट्रेलिया के अलावा भी विकल्प देख रहा है और आयात टोकरी में विविधता लाना चाह रहा है।

पिछले साल भारत की इस्पात मिलों ने रूस से कोकिंग कोयले के आयात बढ़ाने की कोशिश की थी, मगर रूस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों के कारण भारतीय मिलों को वहां से कोकिंग कोयले की आपूर्ति प्रभावित हुई।

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First Published - November 28, 2023 | 10:18 PM IST

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