facebookmetapixel
लोन चुकाने के लिए EPF से पैसा निकालने का सोच रहे हैं? पहले ये बातें समझ लें, नहीं तो होगा नुकसानDebt Mutual Funds: दिसंबर में डेट फंड्स को लगा ₹1.32 लाख करोड़ का झटका, जानें क्यों निवेशकों ने निकाले पैसेखाद उत्पादन रिकॉर्ड पर, फिर भी यूरिया आयात क्यों बढ़ा? सरकार और FAI के आंकड़ों में दिखा फर्कभारत में ट्रेवल इंश्योरेंस की मांग लगातार क्यों बढ़ रही है और एक्सपर्ट इसे लेने की सलाह क्यों दे रहे हैं?बजट से पहले निवेशक क्यों नहीं लगाते बड़े दांव? जानिए अंदर की वजहGold ETF में आया रिकॉर्ड निवेश, दिसंबर में इनफ्लो 211% बढ़कर ₹11,646 करोड़ के ऑल टाइम हाई परसैलरी ₹1 लाख महीना है? एक्सपर्ट से समझें, आपको कितना हेल्थ कवर लेना चाहिए और क्या-क्या ध्यान रखना चाहिएइस साल Reliance Jio ला सकता है सबसे बड़ा IPO, 2.5% हिस्सेदारी बेच $4 अरब जुटाने की योजनाH-1B, H-4 वीजा धारकों के लिए अलर्ट: भारत की यात्रा से पहले सोचें, अमेरिका लौटना हो सकता है मुश्किलशेयर बाजार में हड़कंप! ACC, ITC, Bata समेत 28 बड़े शेयर 52-हफ्ते के निचले स्तर पर

नॉर्डिक-बाल्टिक देशों के साथ संबंध बढ़ा रहा भारत

जयशंकर ने कहा कि नॉर्डिक बाल्टिक देशों ने नवोन्मेष, स्टार्टअप, टेक ऐप्लिकेशंस और डिजिटल प्रोग्रेस में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा की है।

Last Updated- November 22, 2023 | 10:45 PM IST

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि नॉर्डिक-बाल्टिक देशों के साथ भारत के भरोसेमंद संबंध हैं और इन देशों के बीच प्राकृतिक तालमेल संबंधों के विस्तार का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।

विदेश मंत्रालय और भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की ओर से आयोजित दूसरे ‘इंडिया नॉर्डिक बाल्टिक बिजनेस कॉन्क्लेव’ को संबोधित करते हुए जयशंकर ने बुधवार को कहा कि भारत और नॉर्डिक बाल्टिक देश (एनबी8) ग्लोबल साउथ के समक्ष आ रही चुनौतियों का समाधान करने के लिए हाथ मिला सकते हैं।

एनबी8 देशों का समूह कुल मिलकार 2 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था वाले हैं और इनकी आबादी 3.3 करोड़ है। भारत का इन देशों के साथ कुल कारोबार 2022-23 में 7.3 अरब डॉलर था। कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 4.65 अरब डॉलर है। नॉर्डिक क्षेत्र की 700 से ज्यादा कंपनियों की भारत में मौजूदगी है।

जयशंकर ने कहा कि बहरहाल व्यापार, निवेश और संयुक्त शोधऔर विकास और विकास परियोजनाओं में तकनीकी सहयोग, दुर्लभ खनिजों व टेलीमेडिसिन के क्षेत्र में प्रमुख अवसरों का दोहन नहीं हुआ है।

जयशंकर ने नॉर्डिक-बाल्टिक देशों को भारत के बंदरगाह, नवीकरणीय ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण और मत्स्य पालन क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि भारत ने करीबी व्यावसायिक सहयोग के लिए संस्थागत ढांचा स्थापित किए हैं।

जयशंकर ने प्रस्तावित भारत यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते  पर चल रही बातचीत का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे दोनों इलाकों के बीच व्यापक तालमेल के तमाम अवसर खुलेंगे।

जयशंकर ने कहा कि नॉर्डिक बाल्टिक देशों ने नवोन्मेष, स्टार्टअप, टेक ऐप्लिकेशंस और डिजिटल प्रोग्रेस में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा की है।
भारत ने हाल के वर्षों में व्यापार और व्यापारिक सहयोग के लिए  उचित संस्थागत ढांचा विकसित कर इस क्षेत्र के साथ अपना तालमेल बढ़ाया है। दिसंबर 2021 में एस्तोनिया की राजधानी ताल्लिन और लिथुआनिया की राजधानी विनियस में दूतावास खोले हैं।

भारत का ध्यान फिनलैंड के साथ डिजिटलीकरण साझेदारी के लिए संस्थागत ढांचा विकसित करने पर है। साथ ही नॉर्वे के साथ मत्स्य क्षेत्र, पवन ऊर्जा और ध्रुवीय अध्ययन,  स्वीडन के साथ रक्षा और आईलैंड के साथ जियो थर्मल एनर्जी में साझेदारी के लिए ढांचा बनाने पर ध्यान है।

भारत फिनलैंड और भारत डेनमार्क के बीच सीधी उड़ान भी शुरू हुई है। जयशंकर ने कहा कि बहुत जल्द लातविया में एक दूतावास शुरू करने की योजना है।

First Published - November 22, 2023 | 10:29 PM IST

संबंधित पोस्ट