facebookmetapixel
Advertisement
“पश्चिम बंगाल में कमल खिला”: पीएम मोदी ने TMC के गढ़ में BJP की जीत की सराहना कीवामपंथ का आखिरी किला भी ढहा, केरल में हारी लेफ्ट सरकार; अब भारत के किसी राज्य में नहीं बची ‘लाल सत्ता’Axis MF ने उतारा निफ्टी कैपिटल मार्केट्स इंडेक्स फंड, ₹100 से निवेश शुरू; किसे लगाना चाहिए पैसा?8th Pay Commission का बड़ा अपडेट: मेमोरेंडम जमा करने की तारीख बढ़ी, क्या ₹69,000 हो जाएगी बेसिक सैलरी?Kerala Assembly Election Results 2026: UDF की बढ़त बरकरार, वाम का आखिरी किला भी ध्वस्तHDFC Defence Fund में SIP और STP पर ₹25,000 की लिमिट, निवेशकों के लिए क्या मायने?बंगाल में BJP की ‘सुनामी’: 190+ सीटों के साथ कैसे ढहा ममता बनर्जी का ‘अजेय’ किला, 5 प्वाइंट्स में समझिएPuducherry election results 2026: रुझानों में रांगास्वामी की सरकार को बढ़त, सत्ता वापसी की राह साफतमिलनाडु में विजय की ‘विक्ट्री’: 2 साल पुरानी पार्टी और 100+ सीटें, कैसे ‘थलपति’ ने पलटा पूरा गेम?West Bengal elections: BJP की जीत से बाजार में आएगी तेजी? एक्सपर्ट्स ने बताया बड़ा संकेत

फंड प्रबंधकों को भा रहे लार्जकैप फंड

Advertisement

जून 2023 में समाप्त एक वर्ष की अवधि में सक्रिय लार्जकैप योजनाओं में से 17 प्रतिशत ने एसऐंडपी बीएसई 100 के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया।

Last Updated- October 11, 2023 | 10:14 PM IST
Mutual Funds

एसऐंडपी डाउ जोंस इंडेक्सेज द्वारा जारी एसपीआईवीए (एसऐंडपी इंडेक्सेज वर्सेज ऐक्टिव) रिपोर्ट से पता चलता है कि लार्जकैप और इक्विटी-केंद्रित बचत योजनाओं (ईएलएसएस) के फंड प्रबंधकों ने पिछले साल के दौरान अपने प्रदर्शन में मजबूत सुधार दर्ज किया है।

जून 2023 में समाप्त एक वर्ष की अवधि में सक्रिय लार्जकैप योजनाओं में से 17 प्रतिशत ने एसऐंडपी बीएसई 100 के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया जबकि जून 2022 के अंत में यह केवल 9 प्रतिशत था।

ईएलएसएस के मामले में, प्रदर्शन में बड़ा सुधार दर्ज किया गया। 66 प्रतिशत योजनाओं ने बेंचमार्क एसऐंडपी बीएसई 200 के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। फंड प्रबंधक इस तेजी के लिए बाजार में व्यापक सुधार और स्मॉलकैप तथा मिडकैप में मजबूती को जिम्मेदार मान रहे हैं। सक्रिय लार्जकैप और फंड प्रबंधकों को स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में अपनी पूंजी का 20 प्रतिशत तक हिस्सा निवेश करने की अनुमति है और इसलिए उनके प्रदर्शन से ऐक्टिव फंडों के संपूर्ण प्रदर्शन पर प्रभाव पड़ता है।

एडलवाइस लार्जकैप फंड के फंड प्रबंधक भरत लाहोटी ने कहा, ‘एक वजह यह है कि इस साल स्मॉलकैप और मिडकैप ने तुलनात्मक तौर पर बेहतर प्रदर्शन किया है। सच्चाई यह है कि इस तेजी की वजह से डाइवर्सिफाइड ऐक्टिव फंडों को फायदा हुआ है।’

कैलेंडर वर्ष 2023 की पहली छमाही में, बीएसई मिडकैप सूचकांक 13.7 प्रतिशत तक चढ़ा और बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक में 12.7 प्रतिशत तक की तेजी आई। तुलनात्मक तौर पर बीएसई के सेंसेक्स में 6.4 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई।

बिजनेस स्टैंडर्ड द्वारा सक्रिय लार्जकैप फंडों द्वारा जून 2023 में समाप्त 6 महीने की अवधि तक के लिए दिए गए प्रतिफल का विश्लेषण किया गया। 78 प्रतिशत ऐक्टिव लार्जकैप योजनाओं ने निफ्टी 50 इंडेक्स फंडों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि 2022 में यह प्रतिशत महज 26 था। समान कारक ईएलएसएस फंडों के पक्ष में भी काम कर सकते हैं।

हालांकि स्मॉलकैप और मिडकैप फंडों का प्रदर्शन समान अवधि में कमजोर पड़ा। एसपीआईवीए की रिपोर्ट में कमजोर प्रदर्शन वाली स्मॉलकैप और मिडकैप योजनाओं का अनुपात जून 2023 के अंत में 78 प्रतिशत रहने (एक वर्षीय प्रतिफल के आधार पर) का अनुमान जताया गया। इसके विपरीत, इन योजनाओं में सिर्फ 27 प्रतिशत जून 2022 में बेंचमार्क से पीछे रहीं।

सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (PSU) कों का इस वित्त वर्ष में अब तक स्मॉलकैप और मिडकैप सूचकांकों के प्रदर्शन को मजबूती प्रदान करने में बड़ा योगदान रहा है।

Advertisement
First Published - October 11, 2023 | 10:14 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement