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ऑडिट फर्मों को झटका, NFRA ने बताई गंभीर खामियां

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NFRA ने PwC समेत प्रमुख ऑडिट फर्मों में डॉक्यूमेंटेशन, स्वतंत्रता और आंतरिक नियंत्रण सुधारने की जरूरत बताई।

Last Updated- March 17, 2026 | 9:12 AM IST
Audit Firms
Representative Image

भारत के राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) आज चार बड़ी ऑडिट फर्मों की चार अलग-अलग निरीक्षण रिपोर्ट जारी कीं। इन रिपोर्ट में कई तरह की बातें सामने आई हैं। इनमें गैर-ऑडिट प्रावधानों पर पूरे नेटवर्क का नियंत्रण मजबूत करना, दस्तावेजों के काम में सुधार करना और सहायक कंपनियों को कर्ज देते समय निष्पक्ष दूरी बनाए रखने का बेहतर आकलन करना शामिल है। इन निरीक्षण रिपोर्ट में प्राइस वॉटरहाउस चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (पीडब्ल्यूसीए), बीएसआर ऐंड कंपनी, एसआरबीसी ऐंड कंपनी और एमएसकेए ऐंड एसोसिएशट्स जैसी फर्म शामिल हैं और इनकी वित्त वर्ष 26 की गतिविधियों को कवर किया गया है।

पीडब्ल्यूसीए के लिए अपनी निरीक्षण रिपोर्ट में एनएफआरए ने कहा कि कंपनी ने अपनी सहायक कंपनियों को 8.5 प्रतिशत की सालाना ब्याज दर पर कर्ज दिया और इसलिए कहा कि यह लेनदेन निष्पक्ष दूरी के साथ किया गया था। अलबत्ता एनएफआरए ने कहा कि उसे ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे यह पता चले कि कंपनी ने मूल्यांकन के लिए पर्याप्त ऑडिट प्रक्रियाएं अपनाई थीं कि क्या ब्याज दर और अन्य शर्तें वैसी ही थीं जैसी कोई बाहर वाला कर्जदाता समान जोखिम वाले किसी कर्ज लेने वाले से मांगता।

एक खास मामले में एनएफआरए ने पाया कि पीडब्ल्यूसीए की ऑडिट रिपोर्ट में ऑडिट की जा रही कंपनी की होल्डिंग कंपनी के खिलाफ चल रहे सीबीआई मामले के खासे असर का कोई स्पष्ट मूल्यांकन नहीं था।

मानव संसाधन नीतियों के संबंध में एनएफआरए ने पाया कि पीडब्ल्यूसीए द्वारा नियुक्त एक सीए के पास सीए की नकली डिग्री थी। यह बात नियुक्ति के दो साल बाद की गई औपचारिक सत्यापन प्रक्रिया के दौरान सामने आई। पीडब्ल्यूसीए ने कहा कि यह अलग मामला था और उसे सेवामुक्त करने का कदम पहले ही उठाया जा चुका था।

एनएफआरए ने अपनी रिपोर्ट में कहा, ‘इन निरीक्षण रिपोर्ट में पाई गई कमजोरियों या खामियों वाले क्षेत्रों को सुधार की गुंजाइश वाले क्षेत्रों के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि ऑडिट फर्मों के काम के नकारात्मक मूल्यांकन के रूप में, जब तक कि विशेष रूप से ऐसा संकेत न दिया गया हो।’

बीआरएसआर के मामले में एनएफआरए ने पाया कि कंपनी आम तौर पर स्वतंत्रता संबंधी जरूरतों और पिछले वर्षों के निरीक्षण निष्कर्षों का पालन कर रही थी। अलबत्ता नियामक ने कहा, ‘हाल के पिछले ऑडिट वाले ग्राहकों के लिए गैर ऑडिट सेवाएं स्वीकार करने की नीतियों और समस्या के मूल कारण का विश्लेषण करने की नीतियों को और मजबूत करने की आवश्यकता है।’

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First Published - March 17, 2026 | 8:34 AM IST

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