स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल्स (एसयूवी) ने भले ही देश के यात्री वाहन बाजार पर अपना दबदबा कायम कर लिया हो, लेकिन लग्जरी सिडैन इस रुख को लगातार चुनौती दे रही है। आम खरीदारों की तुलना में उसने प्रीमियम खरीदारों के बीच अपनी कहीं ज्यादा दमदार पकड़ बनाए रखी है।
वाहन क्षेत्र का विश्लेषण करने वाली कंपनी जैटो डायनैमिक्स के आंकड़ों के अनुसार साल 2026 के दौरान लग्जरी वाहनों की बिक्री में सिडैन की हिस्सेदारी 28.4 प्रतिशत रही, जबकि आम खरीदारों की बाजार श्रेणी में यह हिस्सेदारी केवल 8.3 प्रतिशत रही। एसयूवी ने पूरे उद्योग में लगातार अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि देश में बिकने वाले करीब हर 10 में से तीन लग्जरी वाहन सिडैन हैं। इससे जाहिर होता है कि एसयूवी की अगुआई में वृद्धि के कई वर्षों के बावजूद इस श्रेणी की मजबूती बरकरार है।
जैटो डायनैमिक्स के अध्यक्ष रवि भटिया ने कहा, ‘साल 2026 में लग्जरी वाहनों की बिक्री में सिडैन की हिस्सेदारी 28.4 प्रतिशत रही, जबकि आम खरीदार की बाजार श्रेणी में यह हिस्सेदारी 8.3 प्रतिशत थी। हालांकि दोनों ही श्रेणियों में एसयूवी अपनाने की दर में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है, लेकिन लग्जरी बाजार में सिडैन ने खासी बड़ी हिस्सेदारी बना रखी है।’
जैटो के आंकड़ों से पता चलता है कि लग्जरी श्रेणी में सिडैन की हिस्सेदारी साल 2020 में 40.6 प्रतिशत थी जो साल 2026 में घटकर 28.4 प्रतिशत रह गई। इसी अवधि में आम खरीदारों के बाजार में सिडैन की हिस्सेदारी 11.6 प्रतिशत से घटकर 8.3 प्रतिशत रही। इससे लग्जरी क्षेत्र के बाहर प्रासंगिकता में तेज गिरावट का पता चलता है।
देश में समूचा लग्जरी वाहन बाजार सालाना लगभग 50,000 वाहनों का होने का अनुमान है। इसमें लैंड रोवर जैसे ब्रांडों सहित एसयूवी आधारित पोर्टफोलियो वाली कई कंपनियां शामिल हैं। इस पृष्ठभूमि में जर्मनी की तीन लग्जरी कार विनिर्माताओं के मामले में सिडैन की लगातार अहमियत पता चलती है। ऑडी, मर्सिडीज-बेंज और बीएमडब्ल्यू में से प्रत्येक ने कहा है कि उनकी भारतीय बिक्री में सिडैन की लगभग 40 प्रतिशत हिस्सेदारी बरकरार है, जो उद्योग की औसत 28.4 प्रतिशत हिस्सेदारी की तुलना में काफी ज्यादा है।
लग्जरी कार विनिर्माताओं का कहना है कि यह अंतर इस बात में निहित है कि प्रीमियम ग्राहक अपने वाहनों का इस्तेमाल कैसे करते हैं। मर्सिडीज-बेंज इडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्य अधिकारी संतोष अय्यर ने कहा, ‘सिडैन हमारे वाहन पोर्टफोलियो का मजबूत स्तंभ हैं। कुल बिक्री में इसकी खासी हिस्सेदारी है। जब यात्रियों के लिए आरामदेह होने की बात आती है, तो सिडैन से बेहतर कोई विकल्प नहीं है।’
अय्यर ने कहा कि लंबी व्हीलबेस वाली ई-क्लास भारत में सभी श्रणियों में सबसे ज्यादा बिकने वाली लग्जरी कार बनी हुई है, जो शॉफर ड्रिवन लग्जरी वाहन का निरंतर आकर्षण दर्शाती है। मर्सिडीज-बेंज ने कहा कि भारतीय बिक्री में लग्जरी सिडैन की लगभग 40 प्रतिशत हिस्सेदारी है और ग्राहक सी-क्लास से ई-क्लास और अंततः एस-क्लास में इसी श्रेणी में लगातार अपग्रेड कर रहे हैं।
ऑडी इंडिया की बात करें, तो एसयूवी की बढ़ती लोकप्रियता के बावजूद कुल बिक्री में सिडैन की करीब 40 प्रतिशत हिस्सेदारी बरकरार है। ऑडी इंडिया के प्रमुख बलबीर सिंह ढिल्लों ने कहा, ‘ग्राहकों की बदलती जीवनशैली, बेहतर बुनियादी सुविधाओं और अधिक व्यावहारिकता के कारण हाल के वर्षों में एसयूवी ने रफ्तार पकड़ी है। इसके बावजूद सिडैन उन ग्राहकों के बीच प्रासंगिक बनी हुई हैं जो ड्राइविंग में आराम, नई तरह की गतिशीलता, शानदार अपील और शाश्वत डिजाइन को महत्त्व देते हैं।’
ढिल्लों ने कहा कि वर्तमान में लग्जरी सिडैन के खरीदारों में शॉफर वाले ग्राहक, सेल्फ-ड्राइविंग के उत्साही और कॉर्पोरेट अधिकारी, सभी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वफादार ग्राहक अपने आराम, शान, ड्राइविंग डॉनैमिक्स और प्रीमियम स्वामित्व के अनुभव के कारण सिडैन के भीतर ही अपग्रेड करना जारी रखे हुए हैं।
बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया ने कहा कि एसयूवी की दिशा में बदलाव अहम रहा है, लेकिन लग्जरी श्रेणी में सिडैन की मांग भी मजबूत बनी हुई है। बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया के अध्यक्ष और मुख्य कार्य अधिकारी हरदीप सिंह बराड़ ने कहा, ‘भारतीय बाजार में सिडैन की कहानी में खासा बदलाव आया है। साल 2021 में हमारी कुल बिक्री में सिडैन और एसएवी के बीच का अनुपात लगभग 60:40 था, जबकि आज यह 40:60 है। अलबत्ता आम खरीदारों के बाजार की तुलना में लग्जरी कार बाजार में सिडैन की मांग अब भी काफी दमदार है। कुल बिक्री में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी बहुत बड़ा हिस्सा होती है।