facebookmetapixel
Advertisement
8th Pay Commission का बड़ा अपडेट: मेमोरेंडम जमा करने की तारीख बढ़ी, क्या ₹69,000 हो जाएगी बेसिक सैलरी?Kerala Assembly Election Results 2026: UDF की बढ़त बरकरार, वाम का आखिरी किला भी ध्वस्तHDFC Defence Fund में SIP और STP पर ₹25,000 की लिमिट, निवेशकों के लिए क्या मायने?बंगाल में BJP की ‘सुनामी’: 190+ सीटों के साथ कैसे ढहा ममता बनर्जी का ‘अजेय’ किला, 5 प्वाइंट्स में समझिएPuducherry election results 2026: रुझानों में रांगास्वामी की सरकार को बढ़त, सत्ता वापसी की राह साफतमिलनाडु में विजय की ‘विक्ट्री’: 2 साल पुरानी पार्टी और 100+ सीटें, कैसे ‘थलपति’ ने पलटा पूरा गेम?West Bengal elections: BJP की जीत से बाजार में आएगी तेजी? एक्सपर्ट्स ने बताया बड़ा संकेतAssam Election Results 2026: रुझानों में BJP+100 सीटों के करीब, कांग्रेस पीछेBreakout Stocks: 3 शेयरों में दिख रहे तेजी के संकेत, 3-4 हफ्तों में 13% तक अपसाइड की उम्मीदKotak Bank Q4: मुनाफा बढ़ा, NPA घटा, अब क्या करें निवेशक? ब्रोकरेज ने बताई स्ट्रैटेजी और टारगेट

फंड प्रबंधकों को भा रहे आईटी फंड

Advertisement

पिछले तीन महीनों में, निफ्टी आईटी इंडेक्स 13.4 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि निफ्टी-50 में महज 6.4 प्रतिशत की तेजी आई।

Last Updated- September 11, 2023 | 10:30 PM IST
शेयर वर्गीकरण के नियम बदलेंगे! जानिए क्या-क्या बदलेगा?, Share classification rules will change! Know what will change?

म्युचुअल फंडों ने सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) फंड पेश करने पर जोर दिया है, जिससे संकेत मिलता है कि अनिश्चितताएं दूर होने के बाद आईटी शेयर फिर से फंड प्रबंधकों को भा रहे हैं।

पिछले 18 महीनों के दौरान, सॉफ्टवेयर क्षेत्र की कंपनियों के शेयर भाव या तो गिरे हैं या वे सुस्त बने रहे। फंड हाउसों ने पिछले तीन महीनों में पांच आईटी-आधारित सेक्टोरल फंड पेश किए हैं जिनमें से तीन पैसिव श्रेणी से जुड़े हुए हैं।

दो अन्य फंड हाउसों – मिरई ऐसेट और यूटीआई ने नैशनल स्टॉक एक्सचेंज निफ्टी आईटी एक्सचेंज ट्रेडेड-फंडों के लिए नियामक के पास आवेदन सौंपे हैं।

पिछले तीन महीनों में, निफ्टी आईटी इंडेक्स 13.4 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि निफ्टी-50 में महज 6.4 प्रतिशत की तेजी आई। हालांकि मूल्यांकन बढ़े हैं, लेकिन ये अभी भी अपने दीर्घावधि औसत के नजदीक बने हुए हैं। मौजूदा समय में, निफ्टी आईटी इंडेक्स के पिछले 12 महीने का पीई अनुपात 27.5 गुना पर है, जो जनवरी 2021 के 39.3 गुना की तुलना में कम है।

फंड हाउसों का मानना है कि सुधरने मूल्यांकन और शेयर पर दबाव डालने वाली समस्याएं दूर होने की वजह से यह समय आईटी फंड पेश करने के लिहाज से सही है।

बंधन ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी के मुख्य कार्याधिकारी विशाल कपूर का कहना है, ‘निफ्टी आईटी इंडेक्स का मूल्यांकन पिछले 18 महीनों के दौरान नरम पड़ा है और अब यह अपने ऐतिहासिक औसत के नजदीक है।’

कपूर का कहना है कि दीर्घावधि परिदृश्य आकर्षक बना हुआ है, क्योंकि भारतीय आईटी उद्योग की वैश्विक आईटी जगत में मजबूत मौजूदगी बरकरार है।

डीएसपी एमएफ में पैसिव इन्वेस्टमेंट्स ऐंड प्रोडक्ट्स के प्रमुख अनिल गिलानी का कहना है, ‘जून में अपना फंड पेश करने से पहले हमने इस उद्योग में सुधार के संकेतों पर ध्यान दिया था। अपने वैश्विक प्रतिस्पर्धियों की तुलना में भारतीय आईटी क्षेत्र बेहतर वित्तीय हालत में था और उसका मूल्यांकन भी आकर्षक बना हुआ था।

इसके अलावा, ऐतिहासिक तौर पर इस क्षेत्र ने 15-18 महीने की अवधि तक खराब प्रदर्शन करने के बाद हर बार मजबूत प्रदर्शन के दौर में भी प्रवेश किया था। जहां अल्पावधि में इस क्षेत्र को राजस्व वृद्धि और मार्जिन पर लगातार दबाव का सामना करना पड़ सकता है, वहीं निवेशक मध्यावधि निवेश के नजरिये से इस पर विचार कर सकते हैं।’

आईटी फंडों पर उद्योग का नजरिया ऐसे सेक्टर या थीम के आधार फंड पेश करने की अपनी सामान्य रणनीति से अलग है, जिसने हाल के समय में बेहतर प्रदर्शन किया है।

Advertisement
First Published - September 11, 2023 | 10:30 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement