सोमवार को आईडीबीआई बैंक का शेयर 16.5 प्रतिशत गिर गया। इसकी वजह ये खबरें रहीं कि सरकार बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचने की प्रस्तावित योजना को रद्द कर सकती है। बताया जाता है कि इस बिक्री के लिए तय की गई न्यूनतम कीमत से कम की बोलियां मिली हैं। शेयर गिरकर दिन के निचले स्तर 76.25 रुपये पर पहुंच गया। इसके बाद इसमें मामूली सुधार हुआ और आखिर में यह बीएसई पर 77 रुपये पर बंद हुआ।
सरकार और उसके स्वामित्व वाली भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) मिलकर आईडीबीआई बैंक की कुल 60.7 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है। यह कदम बैंकिंग क्षेत्र में सरकारी स्वामित्व को कम करने के बड़े निजीकरण अभियान का हिस्सा है।
फिलहाल, बैंक में सरकार की हिस्सेदारी 45.48 प्रतिशत है जबकि एलआईसी की 49.24 प्रतिशत है। प्रस्तावित सौदे के तहत सरकार और एलआईसी की ओर से क्रमशः 30.48 प्रतिशत और 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचे जाने की उम्मीद थी।
पहले की खबरों में संकेत दिया गया था कि फेयरफैक्स फाइनैंशियल होल्डिंग्स और एमिरेट्स एनबीडी इस हिस्सेदारी के लिए संभावित बोलीदाताओं में शामिल थीं।
एसबीआई सिक्योरिटीज में फंडामेंटल रिसर्च के प्रमुख और डिप्टी वाइस प्रेसीडेंट सनी अग्रवाल ने कहा, ‘आईडीबीआई बैंक के शेयर में गिरावट इन खबरों के कारण आ रही है कि हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया रद्द की जा सकती है। इसकी वजह यह है कि आधार मूल्य से ऊपर कोई भी बोली नहीं आई है, जिससे विनिवेश को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।’