facebookmetapixel
Advertisement
Gold silver price today:सोना ₹303 टूटा, चांदी ₹1,203 फिसलीNew Rules From August: LPG सिलेंडर से Tatkal टिकट तक… 1 अगस्त से बदल रहे हैं ये नियम, आपकी जेब पर पड़ेगा असरFII vs DII: विदेशी निवेशक बेचते रहे, घरेलू निवेशकों ने संभाला, अब किसके हाथ में है भारतीय शेयर बाजार?क्यों महंगा ऑफिस किराया दे रहीं AI कंपनियां? निवेशकों के लिए क्या हैं मायनेEicher Motors: बुलेट, क्लासिक और हंटर पर टिकी Royal Enfield की सेल, ब्रोकरेज ने दिए 22% तक के टारगेटक्या खत्म होने वाला है गाजा युद्ध? Trump ने किया बड़े समझौते का दावा, हमास-इजरायल की चुप्पी ने बढ़ाया सस्पेंसUS में पढ़ाई के बाद नौकरी करना होगा महंगा? ट्रंप प्रशासन ₹95 लाख की नई फीस पर कर रहा विचारStock Market Update: Sensex फ्लैट, Hitachi Energy और GE Vernova T&D बने सबसे बड़े गेनरZepto ने अचानक टाला IPO! अब 1,000 करोड़ जुटाने की तैयारी, लेकिन वैल्यूएशन 7 अरब डॉलर से 4.5 अरब डॉलर क्यों हुआ?AI का सबसे बड़ा डर खत्म? अब TCS, Infosys, HCL Tech और Wipro के लिए क्या बदलने वाला है?

खाड़ी संकट बढ़ा, फोनपे का आईपीओ टला

Advertisement

कंपनी ने कहा कि वैश्विक बाजारों में स्थिरता आने के बाद वह अपनी लिस्टिंग प्रक्रिया फिर से शुरू करेगी

Last Updated- March 16, 2026 | 10:29 PM IST
PhonePe IPO

डिजिटल भुगतान क्षेत्र की दिग्गज कंपनी फोनपे ने कहा है कि पश्चिम एशिया में चल रही लड़ाई और बाजार में बढ़ी अस्थिरता के कारण उसने अपने आईपीओ को फिलहाल टाल दिया है। पहले उम्मीद थी कि कंपनी का आईपीओ इस साल के मध्य तक आएगा। कंपनी ने कहा कि वैश्विक बाजारों में स्थिरता आने के बाद वह अपनी लिस्टिंग प्रक्रिया फिर से शुरू करेगी।

फोनपे के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) समीर निगम ने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि सभी प्रभावित इलाकों में जल्द से जल्द शांति लौट आए। हम भारत में आईपीओ के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।’ बताया जाता है कि कंपनी लगभग 15 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर करीब 1.5 अरब डॉलर जुटाना चाह रही है।

बेंगलूरु की फोनपे भारत की उन पहली कंपनियों में से एक है जिसने अपना आईपीओ टाल दिया है। इसकी वजह यह है कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण बाजार में भारी गिरावट आने की आशंका बढ़ रही है। कंपनी अपने नियोजित आईपीओ से पहले, इश्यू की कीमत को अपने मनचाहे मूल्यांकन पर तय करने से जुड़ी चुनौतियों का भी सामना कर रही है।

यह फैसला ऐसे समय आया है जब खाड़ी युद्ध के बाद से भारत का बाजार पूंजीकरण लगभग 447 अरब डॉलर घटकर 4.7 लाख करोड़ डॉलर रह गया है।
दो साल की जबरदस्त तेजी के बाद भारतीय आईपीओ बाजार में शेयरों के ऊंचे मूल्यांकन से पैदा हुई चिंताएं हाल की भारी बिकवाली और अनिश्चितता की वजह से और ज्यादा बढ़ गई हैं।

फोनपे के प्रस्तावित आईपीओ में 5.06 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश (ओएफएस) शामिल है। मौजूदा निवेशकों में प्रमोटर डब्ल्यूएम डिजिटल कॉमर्स होल्डिंग्स भी शामिल है जिसका मालिकाना वॉलमार्ट इंटरनैशनल होल्डिंग्स इंक के पास है। उसने 4.594 करोड़ शेयर बेचने की योजना बनाई है। यह कंपनी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) इकोसिस्टम में सबसे बड़ी कंपनी है।

Advertisement
First Published - March 16, 2026 | 10:25 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement