शेयर बाजार में आज अच्छी तेजी देखी गई और दोनों बेंचमार्क सूचकांक 1 फीसदी से ज्यादा चढ़ गए। इस तेजी में एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी बड़ी कंपनियों का अहम योगदान रहा। बीते हफ्ते सूचकांकों ने लगभग 6 साल में सबसे खराब साप्ताहिक प्रदर्शन किया था। लेकिन बाजार में व्यापक स्तर पर नरमी बनी रही। अमेरिका-ईरान युद्ध के तीसरे हफ्ते में पहुंचने के साथ ही नुकसान वाले शेयरों की संख्या बढ़ने वाले शेयरों के मुकाबले लगभग दोगुनी रही। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक आपूर्ति में कमी की चिंता के बीच निवेशकों का मनोबल भी कमजोर बना रहा।
निफ्टी 1.1 फीसदी या 259 अंक की तेजी के साथ 23,409 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 939 अंक या 1.26 फीसदी चढ़कर 75,503 पर बंद हुआ। एचडीएफसी बैंक 2.9 फीसदी, आईसीआईसीआई बैंक 1.5 फीसदी और रिलायंस इंडस्ट्रीज 1.1 फीसदी बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स की कुल बढ़त में करीब आधा योगदान इन तीनों शेयरों का रहा।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ तकनीकी शोध विश्लेषक नागराज शेट्टी ने कहा, ‘निफ्टी का अंदरूनी व्यापक रुझान कमजोर बना हुआ है। बाजार अभी भी मुश्किलों से बाहर नहीं निकला है। 23,500 से 23,600 के दायरे के आसपास ऊपरी स्तर पर प्रतिरोध बना हुआ है और इस स्तर पर बढ़त पर बिकवाली के मौकों की ज्यादा संभावना है। तत्काल समर्थन 23,000 के स्तर पर है।’
निफ्टी मिडकैप 100 में 0.3 फीसदी की गिरावट आई और समॉलकैप सूचकांक 0.5 फीसदी नीचे रहा। बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर 1,509 शेयर में बढ़त में रहे और 2,860 शेयरों में गिरावट आई।
19 में से 11 सेक्टर सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी तेल एवं गैस और निफ्टी रियल्टी में 1.6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर निफ्टी ऑटो और निफ्टी निजी बैंक सूचकांक सबसे ज्यादा ज़्यादा बढ़त वाले सेक्टर रहे जो क्रमशः 1.67 फीसदी और 1.24 फीसदी ऊपर चढ़े। ब्रेंट क्रूड की कीमतें लगभग 105 डॉलर प्रति बैरल के ऊंचे स्तर पर बनी रहीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के तेल निर्यात के ढांचे को निशाना बनाने की धमकी के बाद तेल की कीमतों में तेजी आई।
पिछले हफ्ते सेंसेक्स में 5.5 फीसदी की गिरावट आई थी जो मई 2020 के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट थी। निफ्टी में 5.3 फीसदी की फिसलन देखी गई थी जो जून 2022 के बाद की सबसे बड़ी थी।
तेल के दाम बढ़ने और कंपनियों की कमाई पर जोखिम को देखते हुए सिटीबैंक और नोमूरा ने साल के अंत तक निफ्टी के अपने लक्ष्य में कटौती की है। सिटी ने अपना लक्ष्य 28,500 से घटाकर 27,000 कर दिया है और नेमूरा ने 29,300 के अपने पहले के लक्ष्य को कम करके 24,900 कर दिया है।
नोमूरा में प्रबंध निदेशक और इंडिया इक्विटी रिसर्च के प्रमुख सायन मुखर्जी ने कहा, ‘हमें लगता है कि यह रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान आई गिरावट जैसी ही है। निकट भविष्य में 5 फीसदी की और गिरावट की पूरी संभावना है, जिसमें स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों पर ज्यादा जोखिम होगा।’