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Laptop के आयात लाइसेंस के लिए मोहलत!

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सरकार के इस निर्णय से डेल, एचपी और ऐपल जैसी कंपनियों की परेशानी बढ़ना लाजिमी है।

Last Updated- August 04, 2023 | 10:56 PM IST

लैपटॉप, टैबलेट और पर्सनल कंप्यूटर के बिना लाइसेंस आयात पर अचानक रोक से परेशान कंपनियों को राहत मिल सकती है। सरकार लाइसेंस की नई व्यवस्था लागू होने से पहले उन्हें एक माह की मोहलत दे सकती है। सरकार के अधिकारियों ने आज यह जानकारी दी।

विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने कल ही लैपटॉप, टैबलेट और पर्सनल कंप्यूटर (Laptop Import Ban) के आयात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का ऐलान किया था। उसने आयात के लिए लाइसेंस अनिवार्य करने की घोषणा भी की थी। सरकार के इस निर्णय से डेल, एचपी और ऐपल जैसी कंपनियों की परेशानी बढ़ना लाजिमी है।

हालांकि सरकारी अधिकारियों ने कहा कि लाइसेंस की व्यवस्था लागू करने से पहले कुछ मोहलत दी जाएगी मगर उन्होंने इस बारे में ज्यादा ब्योरा नहीं दिया।
इस बीच केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री चंद्रशेखर ने आज ट्विटर पर कहा, ‘इसे लागू करने के लिए मोहलत दी जाएगी, जिसकी अधिसूचना जल्द ही जारी होगी।’

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि इन उत्पादों के आयात का नियमन ‘लाइसेंस राज’ नहीं है बल्कि भारतीय पारिस्थितिकी तंत्र में विश्वसनीय और प्रामाणिक सिस्टम उपलब्ध कराना है।

लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन को लेकर पोर्टल तैयार

उक्त अधिकारी ने कहा कि डीजीएफटी ने एक पोर्टल तैयार किया है और कंपनियां लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। डीजीएफटी आवेदन प्राप्त होने के बाद दो दिन के अंदर लाइसेंस जारी कर सकता है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय लाइसेंस लागू होने से पहले की अवधि में उत्पाद की खेप को मंजूरी दिलाने में उद्योग की मदद करेगा।

एक अधिकारी ने कहा कि इस कदम का मकसद चीन के साथ व्यापार असंतुलन को कम करना है। हालांकि चंद्रशेखर ने पहले कहा था कि आयात पर रोक लगाने का मसकद विश्वसनीय हार्डवेयर और सिस्टम सुनिश्चित करना तथा आयात पर निर्भरता घटाना है।

इधर छोटे लैपटॉप से लेकर ऑल-इन-वन कंप्यूटर तक सभी उपकरणों पर रोक के सरकारी फैसले के बाद प्रमुख कंप्यूटर निर्माता कंपनियां हरकत में आ गई हैं औप ऐपल, सैमसंग और एचपी जैसी प्रमुख कंपनियों ने नई खेपों का आयात रोक दिया है।

घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने नाम नहीं छापे जाने की शर्त पर कहा कि लैपटॉप बनाने वाली कंपनियों को आयात पर निर्भरता घटाने और स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कुछ सरकारी उपायों की उम्मीद थी मगर लाइसेंस की अनिवार्यता ने उन्हें हैरत और परेशानी में डाल दिया है।

त्योहार का सीजन नजदीक

सूत्रों ने बताया कि प्रौद्योगिकी कंपनियां अब लाइसेंस हासिल करने के लिए सरकार से संपर्क कर रही हैं और त्योहार का सीजन नजदीक होने की वजह से वे जल्द से जल्द लाइसेंस हासिल करना चाहती हैं। त्योहारी दिनों और खास तौर पर दीवाली के दौरान ग्राहक खूब खरीदारी करते हैं। उस समय कंप्यूटर उपलब्ध नहीं हुए तो बिक्री पर बहुत चोट पड़ सकती है।

लाइसेंस हासिल करने में कितना वक्त लगेगा, स्पष्ट नहीं

अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ऐपल को लाइसेंस हासिल करने में कितना वक्त लगेगा मगर आयात रुकने से कई अरब डॉलर के पर्सनल कंप्यूटर कारोबार में व्यवधान पैदा हो गया है।

व्यापार मंत्रालय, ऐपल, सैमसंग और एचपी ने इस मसले पर भेजे गए ई-मेल का कोई जवाब नहीं दिया। लैपटॉप, पर्सनल कंप्यूटर और टैबलेट बनाने वाली कंपनियों के लिए यह नई आफत है क्योंकि पहले ही वैश्विक स्तर पर उनके पास उत्पादों का स्टॉक बढ़ गया था और बिक्री में इजाफा नहीं हो रहा था।

ऐसे में लाइसेंस अनिवार्य किए जाने से भारत में उत्पाद उतारने में देर हो सकती है या यहां के बाजार में लैपटॉप, कंप्यूटरों की किल्लत दिख सकती है। देसी बाजार में लैपटॉप-टैबलेट की उपलब्धता काफी हद तक आयात पर निर्भर है।

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First Published - August 4, 2023 | 10:56 PM IST

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