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भारत में तेजी से बढ़ रहा मोबाइल का उत्पादन, FY24 में 4 लाख करोड़ का आंकड़ा हो सकता है पार: ICEA

Apple Inc. के नेतृत्व में इस दौरान करीब 1,20,000 करोड़ रुपये के मोबाइल फोन का निर्यात हुआ जो एक साल पहले हुए 90,000 करोड़ रुपये के निर्यात के मुकाबले 33 फीसदी अधिक है।

Last Updated- April 02, 2024 | 11:06 PM IST
भारत बन सकता है मोबाइल फोन का ग्लोबल सप्लायर, Mobile PLI: Only the long-game matters

देश में मोबाइल फोन का उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2024 के दौरान करीब 4.10 लाख करोड़ रुपये मूल्य के मोबाइल फोन का उत्पादन होने का अनुमान है जो एक साल पहले के मुकाबले करीब 17 फीसदी अधिक है।

मोबाइल फोन विनिर्माताओं के संगठन इंडियन सेल्युलर ऐंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) के शुरुआती अनुमान से यह खुलासा हुआ है। अंतिम आंकड़े पर काम अभी जारी है, लेकिन  इसमें 5,000 करोड़ रुपये का और इजाफा हो सकता है।

ऐपल इंक के नेतृत्व में इस दौरान करीब 1,20,000 करोड़ रुपये के मोबाइल फोन का निर्यात हुआ जो एक साल पहले हुए 90,000 करोड़ रुपये के निर्यात के मुकाबले 33 फीसदी अधिक है। वित्त वर्ष 2024 में निर्यात कुल उत्पादन मूल्य का करीब 30 फीसदी रहा।

वित्त वर्ष 2023 में यह कुल उत्पादन का करीब 25 फीसदी रहा था। हालांकि निर्यात इलेक्ट्रॉनिक्स नीति के तहत सरकार के लक्ष्य से अभी भी काफी दूर है। सरकार ने वित्त वर्ष 2026 तक 52 से 58 अरब डॉलर के निर्यात का लक्ष्य रखा है।

घरेलू बाजार में मोबाइल फोन की मात्रात्मक बिक्री लगभग स्थिर हो चुकी है। इसके बावजूद मूल्य के लिहाज से मोबाइल फोन का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। देश में स्मार्टफोन की मात्रात्मक बिक्री 14.5 से 15 करोड़ है।

मगर विशेषज्ञों का कहना है कि स्मार्टफोन का औसत विक्रय मूल्य बढ़ा है क्योंकि महंगे फोन के प्रति ग्राहकों का रुझान बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि 5जी फोन की खरीदारी बढ़ने से भी औसत विक्रय मूल्य को बल मिला है।

जाहिर तौर पर बिक्री को मोबाइल फोन के निर्यात से मजबूती मिल रही है। आम तौर पर प्रीमियम स्मार्टफोन का निर्यात किया जाता है जिससे मूल्य के लिहाज से बिक्री में इजाफा हो रहा है।

मूल्य के लिहाज से मोबाइल फोन के कुल उत्पादन में निर्यात की हिस्सेदारी की झलक उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के लिए पात्र कंपनियों की कुल निर्यात प्रतिबद्धता में भी मिलती है। उन्हें मूल्य के लिहाज से 60 फीसदी उत्पादन का निर्यात करना होगा। मोबाइल फोन पीएलआई योजना के लिए पात्र कंपनियों में ऐपल इंक के तीन वेंडर- फॉक्सकॉन, विस्ट्रॉन (अब टाटा) और पेगाट्रॉन के अलावा सैमसंग शामिल हैं।

देश में मोबाइल फोन के उत्पादन में जाहिर तौर पर ऐपल की प्रमुख भूमिका है। वित्त वर्ष 2024 के पहले 11 महीनों के दौरान मूल्य के लिहाज से उसका उत्पादन 1 लाख करोड़ के पार पहुंच गया जो एक साल पहले के मुकाबले 100 फीसदी अधिक है। कंपनी 68 फीसदी उत्पादन का निर्यात करती है।

सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स नीति के तहत वित्त वर्ष 2026 तक 126 अरब डॉलर के मोबाइल फोन के उत्पादन का लक्ष्य रखा था। इसमें से निर्यात के जरिये 52 से 58 अरब डॉलर जुटाने की योजना थी।

First Published - April 2, 2024 | 11:06 PM IST

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