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रिकॉर्ड ऊंचाई से रिकॉर्ड गिरावट; HDFC से SBI तक टॉप सिल्वर ETF 20% तक टूटेअब असेंबली नहीं, टेक्नोलॉजी की जंग: भारत की चिप-क्रांति 2.0 शुरूICC की PCB को दोटूक चेतावनी: भारत के खिलाफ मैच छोड़ना पाकिस्तान के क्रिकेट को पड़ेगा बहुत महंगाGold, Silver Price Today: सोना में गिरावट, चांदी भी तेज शुरुआत के बाद फिसलीबजट का असर, इन 3 सेक्टर्स पर मॉर्गन स्टेनली ‘ओवरवेट’Budget में UPI और रुपे के लिए ₹2,000 करोड़ का फंड, ग्राहकों के लिए जीरो MDR आगे भी रहेगी जारीBudget 2026: स्टार्टअप्स-MSME के लिए ₹10,000 करोड़ का ग्रोथ फंड, डिजिटल व्यापार पर फोकसOpening Bell: कमजोर शुरुआत के बाद हरे निशान में बाजार, सेंसेक्स 250 अंकों से ज्यादा उछलाबजट में उद्योगों को बढ़ावा देने पर सारा जोर, मगर बुनियादी सुधारों का अब भी इंतजारनतीजों के बाद बजाज ऑटो के शेयर पर मचा घमासान, खरीदें या रुकें? जानें ब्रोकरेज की राय
ताजा खबरें

देसी दवा बाजार की सुस्त रफ्तार

देसी दवा बाजार में सुधार की रफ्तार सुस्त हो रही है और फरवरी में यह घटकर 1.1 फीसदी रह गई, जो एक महीने पहले 4.5 फीसदी रही थी। वास्तव में दिसंबर में इस बाजार की रफ्तार मजबूत रही थी जब उसने 8.5 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की थी। फरवरी में भारतीय दवा बाजार के मुख्य […]

अर्थव्यवस्था

भारतीय अर्थव्यवस्था में ‘सुधार’ सरकार पैसे खर्च करने को तैयार

नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पानगढिय़ा ने मंगलवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में ‘सुधार’ आ रहा है और सरकार वृद्धि को समर्थन के सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए और पैसा खर्च करने की योजना बनाई है। हालांकि, इसके साथ पानगढिय़ा ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी की वजह से पैदा हुई अड़चनों […]

अर्थव्यवस्था

अर्थव्यवस्था में सुधार, लेकिन फिर संक्रमण बढऩे से जोखिम

भारतीय रिजर्व बैंक ने अर्थव्यवस्था पर दी गई रिपोर्ट में कहा है कि आर्थिक गतिविधियां गति पकड़ रही हैं लेकिन कोरोनावायरस के संक्रमण में तेजी आने की वजह से अनिश्चितता बनी हुई है। रिजर्व बैंक की बुलेटिन से जुड़ी इस रिपोर्ट में कहा गया है, ‘मजबूत रिकवरी और इसका दायरा व्यापक होने से उम्मीद बढ़ी […]

लेख

सुधार में मजबूती

चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2020) के कारोबारी नतीजे कई क्षेत्रों में सकारात्मक सुधार दर्शाते हैं। कम लागत और बिक्री में सुधार से मुनाफा बढ़ा है। वर्ष 2021-22 के बजट में बुनियादी विकास पर जो ध्यान दिया गया है उससे निवेश और रोजगार को प्रोत्साहन मिलना चाहिए। यदि ऐसा हुआ तो खपत में […]

बाजार

सुधार वाले शेयरों पर निवेशकों का दांव

वर्ष 2020 में महामारी के शुरुआती दौर में दवा, एफएमसीजी और आईटी जैसे सुरक्षित दांव पर जोर देने के बाद निवेशक अब आर्थिक दबाव के बाद चक्रीयता संबंधी सुधार पर दांव लगा रहे हैं, क्योंकि इस क्षेत्र में कई शेयर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि जून-जुलाई तक, फार्मा और एफएमसीजी […]

बाजार

क्रेडिट सुइस दे रही भारत को तवज्जो

पिछले कुछ हफ्तों में अर्थव्यवस्था में तेजी से हुए सुधार और कोविड के घटते मामलों को देखते हुए क्रेडिट सुइस ने एशिया प्रशांत मॉडल पोर्टफोलियो में भारत को लेकर अपना रुख बदलकर ओवरवेट कर दिया है। उसका मानना है कि साइक्लिकल और महामारी के सापेक्ष भारत काफी बेहतर स्थिति में है। 16 फरवरी के नोट […]

अर्थव्यवस्था

वृद्धि में मामूली संकुचन या सुधार की आस

चालू वित्त वर्ष की दो तिमाहियों में लगातार अर्थव्यवस्था में संकुचन के बाद अब सबकी नजर तीसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों पर है। अर्थशास्त्री इस बात को लेकर बंटे हुए हैं कि तीसरी तिमाही में मंदी बनी हुई है, या अर्थव्यवस्था में वृद्धि दर्ज होगी। अक्टूबर-दिसंबर 2020-21 तिमाही के बारे में […]

विशेष

उत्पादन में सुधार मगर लागत की चिंता

यातायात अपने-आप कहानी बयां कर देता है। लॉकडाउन के दौरान चेन्नई से श्रीपेरूम्बदूर-ओरागडम के वाहन विनिर्माण गढ़ तक पहुंचने के लिए 35 किलोमीटर लंबा सफर तय करने में बमुश्किल 45 मिनट लगते थे। लेकिन हुंडई, रेनो-निसॉन, डैमलर, अपोलो, रॉयल एनफील्ड जैसी दिग्गज वाहन कंपनियों के इस गढ़ तक पहुंचने में आज के समय दो घंटे […]

अर्थव्यवस्था

उद्योगों के उत्पादन में सुधार, महंगाई नरम

आर्थिक गतिविधियों में सुधार और खुदरा महंगाई में कमी देश की अर्थव्यवस्था की हालत सुधरने का इशारा कर रहे हैं। दिसंबर महीने में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में मामूली तेजी ही आई है। दूसरी तरफ जनवरी में खुदरा महंगाई कम होकर पिछले 16 महीनों के निचले स्तर पर आ गई। हालांकि अर्थशास्त्रियों का मानना है […]

लेख

आम बजट में नहीं है कोई नयापन

इस वर्ष अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री बजट के बुनियादी काम पर लौट आईं और उन्होंने वृहद-राजकोषीय स्थिति का स्पष्ट उल्लेख किया। यह बात बहुत अहम है क्योंकि बजट भाषण एक ऐसा दस्तावेज है जिसका रिकॉर्ड रहता है और आंकड़ों का उल्लेख सरकार को संसद के प्रति और आगे चलकर इतिहास के प्रति जवाबदेह […]