बिहार के रहने वाले राजू जगदीश पासवान को जून, 2010 में महाराष्ट्र के सांगली जिले में नौ साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने और उसकी हत्या करने के मामले में पिछले साल दोषी करार दिया गया था। सत्र अदालत ने मामले को दुर्लभ से दुर्लभतम श्रेणी का बताया था और दोषी को मौत की सजा सुनाई।
मामला जब उच्च न्यायालय के समक्ष आया तो उसने आरोपी को अपने समक्ष पेश किये जाने का निर्देश दिया ताकि यह जाना जा सके कि वह अपना दोष साबित किये जाने के फैसले के खिलाफ अपील दाखिल करना चाहता है।
उच्च न्यायालय ने पिछली सुनवाई के दौरान वकील नितिन प्रधान को आरोपी की ओर से पक्ष रखने के लिए नियुक्त किया था। जिन्होंने आज अपील दाखिल की।
अपील को विचारार्थ स्वीकार करते हुए न्यायमूर्ति एन एच पाटिल और न्यायमूर्ति ए आर जोशी की खंडपीठ ने आज कहा कि वह 5 फरवरी से रोजाना आधार पर मामले में सुनवाई शुरू करेगी।
घटना 21 जून, 2010 की है जब पीडि़त लड़की सांगली जिले के बेदाग गांव में अपने घर से लापता हो गयी थी। लड़की के पिता ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि लड़की को आखिरी बार आरोपी के साथ देखा गया था जो इलाके में रहता था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने लड़की के साथ दुष्कर्म किया था और उसकी हत्या कर शव को एक कुएं में फेंक दिया।