स्वराज ने आज शाम यहां प्रधानमंत्री के कार्यकर्ता सम्मेलन के बाद संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि छाीसगढ़ कोई याचक नहीं है जो कटोरा लेकर मनमोहन सिंह के पास पैसा मांगने जाये। उन्होंने कहा कि संघीय ढांचे में यह व्यवस्था है कि राज्यों से राजस्व केन्द्र को जाता है, जिसमें से केन्द्र द्वारा राज्यों के हिस्से का पैसा उन्हें दिया जाता है। छाीसगढ़ को केन्द्र से जो पैसा मिलता है, वह छाीसगढ़ की जनता का ही है। छाीसगढ़ को उसका हक ही मिलता है। इसमें केन्द्र सरकार की कोई मेहरबानी नहीं है।
स्वराज ने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने राजनांदगांव में कहा था कि नंदकुमार पटेल मुख्यमंत्री बनने वाले थे, इसलिए उन्हें मरवा दिया गया। स्वराज ने कहा कि कांग्रेस किसी को भी मुख्यमंत्री के तौर पर पेश करती, रमन सिंह सब पर भारी पड़ते।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा रायपुर में एम्स दिये जाने का उल्लेख करने पर स्वराज ने कहा कि सभी जानते हैं कि अटल जी की सरकार में स्वास्थ्य मंत्री की हैसियत में मैंने रायपुर एम्स की न केवल मंजूरी दी बल्कि सौ एकड़ जमीन की व्यवस्था भी इसके लिए करवाई।
उन्होंने कहा कि तात्कालीन सरकार की कोशिश थी कि दो साल में एम्स तैयार होकर काम करना शुरू कर दे। लेकिन पांच साल तक मनमोहन सिंह की सरकार ने एक ईंट भी नहीं लगवाई। प्रधानमंत्री बताएं कि पांच साल तक एम्स निर्माण क्यों रोके रखा गया।
भाषा संजीव