दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने एक गुप्त सूचना के आधार पर शुक्रवार को 64 साल के उमर जहीर कादिरी को गिरफ्तार करने में कामयाबी पायी । उसके पास से एक देसी पिस्तौल और कारतूस भी बरामद हुआ।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त :अपराध: रविंद्र यादव ने कहा, एक गुप्त सूचना मिली थी कि हत्या के एक मामले में दोषी करार दिया जा चुका और उत्तर प्रदेश पुलिस की हिरासत से फरार हुआ कादिरी शुक्रवार की शाम 6:00 बजे से 6:30 बजे के बीच आनंद विहार आईएसबीटी से बुलंदशहर के लिए रवाना होगा ।
यादव ने बताया, इसके तुरंत बाद आईएसबीटी के प्रवेश द्वारों के आसपास जाल बिछा दिया गया और शाम करीब 6:20 बजे कादिरी को गिरफ्तार कर लिया गया । तलाशी पर उसके पास से .32 बोर का एक देसी पिस्तौल और एक कारतूस बरामद किया गया जो उसके कुर्ते की जेब में रखा हुआ था ।
पुलिस पूछताछ के दौरान उसने बताया कि तांत्रिक के तौर पर वह खासकर भोली-भाली और अनपढ़ महिलाआंे को चूना लगाने का काम करता था ।
पुलिस के मुताबिक, 1978 में कादिरी का बुलंदशहर में सगीर नाम के एक पॉकेटमार से झगड़ा हो गया था । झगड़े के दौरान कादिरी ने सगीर को चाकू मार दिया जिससे उसकी मौत हो गयी ।
साल 1993 में कादिरी को बुलंदशहर की एक अदालत ने दोषी करार देकर उम्रकैद की सजा सुनायी थी । साल 1995 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उसकी अपील खारिज कर दी थी ।
साल 1996 में वह पुलिस की हिरासत से फरार हो गया था ।
भाषा