उन्हांेने यहां कहा, मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि जनवरी तक कोई नया बैंक लाइसेेंस नहीं आएगा। जनवरी तक सिर्फ उन आवेदकों की शुरआती सूची आएगी जो बैंक लाइसेंस पाने के पात्र हैं। नए बैंकांे को अस्तित्व मंे आने मंेे कम से कम दो साल का समय लगेगा।
रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन बार-बार कह रहे हैं कि केंद्रीय बैंक के डिप्टी गवर्नर आनंद सिन्हा के सेवानिवृत्त होने तक नए बैंक लाइसंेसांे के मोर्चे पर कुछ पुख्ता कर दिया जाएगा। सिन्हा बैंकिंग विभाग के प्रमुख हैं। वह फरवरी मंे सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
राजन ने पिछले दिनों नए बैंक लाइसंेस के आवेदनांे की जांच मंे बिमल जालान की अध्यक्षता मंे समिति की घोषणा की है। इस समिति मंे रिजर्व बैंक की पूर्व डिप्टी गवर्नर उषा थोरट, सेबी के पूर्व प्रमुख सी बी भावे तथा आईसीआईसीआई बैंक के पूर्व कार्यकारी निदेशक नचिकेत मोर शामिल हैं। वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने शानिवार को कहा कि मौजूदा बैंक लाइसेंस के दौर मंे सात लाइसेंस जारी किए जाएंगे।
रिजर्व बैंक ने इससे पहले 2002 में बैंक लाइसेंस जारी किए थे। उस समय कोटक महिंद्रा बैंक व यस बैंक को लाइसेंस मिले थे।