शीर्ष अदालत ने दस सदस्यीय समिति की गोपनीय रिपोर्ट के अवलोकन के बाद कहा कि नेताओं, औद्योगिक घरानों और दूसरे लोगों के साथ राडिया की टेलीफोन बातचीत के विवरण की जांच से राष्ट्रीय सुरक्षा और रेलवे बोर्ड में सदस्यों की नियुक्तियों से संबंधित मसले का भी पता चलता है।
न्यायमूर्ति जी एस सिंघवी और न्यायमूर्ति वी गोपाल गौडा ने कहा कि रेलवे बोर्ड के सदस्य से संबंधित हालिया घटना के बारे में भी राडिया की रिकार्ड की गयी टेलीफोन वार्ता से पता चलता है। न्यायाधीशों ने कहा, वास्तव में धन का भुगतान किया गया है।
साथ ही न्यायाधीशों ने सचेत किया कि सिर्फ एक पक्षीय नजरिया नहीं होना चाहिए और इसकी गहन जांच होनी चाहिए क्योंकि यह बहुत ही गंभीर मामला है।
न्यायाधीशों ने कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा के पहलू के संबंध में रिपोर्ट स्पष्ट नहीं है लेकिर बहुत ही गंभीर है और इस संबंध में टेलीफोन काल के विवरण की गहराई से छानबीन की आवश्यकता है। हम कोई ठोस सामग्री मिले बगैर इस संबंध में कुछ नहीं करना चाहेंगे।
न्यायाधीशों ने कहा, वे एक अलग पहलू पर प्रकाश डाल रहे हैं। हमारा मानना था कि सब कुछ स्पेक्ट्रम आदि से ही संबंधित है लेकिन यह तो कहीं अधिक व्यापक और भिन्न है। कुछ मसलों को लेकर तो काफी गंभीर स्थिति है।
न्यायालय ने कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में आपको :सीबीआई: बहुत ही सावधानी बरतनी होगी जिसके बारे मे हमने इंगित किया है। इस संबंध में ठोस तथ्य मिलने तक यह अटकल का मामला नहीं होना चाहिए क्योंकि इससे राष्ट्रहित को नुकसान होता है। इसमें शामिल एजेन्सियों को इस मामले में गौर करने के लिये पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए।