संयुक्त राष्ट्र, 25 सितम्बर :भाषा: भारत ने कहा है कि 2015 के बाद का विकास एजेंडा भूख और गरीबी उन्मूलन पर कंंेद्रित होना चाहिए और इसके अलावा इसमैं खाद्य सुरक्षा और आधुनिक उर्जा सेवाओं की सार्वभौमिक पहंुच को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कल यहां संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर आयोजित उच्च स्तरीय राजनीतिक मंच की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2015 के बाद का विकास एजेंडे में सहस्त्राब्दि विकास लक्ष्यों के अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाना चाहिए।
उन्होंने कहा, 2015 के बाद विकास एजेंडे को तैयार करते हुए हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह रियो नीतियों पर अधारित हो , साथ ही उसमें साझा लेकिन विवेधात्मक जिम्मेदारियां भी शामिल होनी चाहिए जिसकी रियो प्लस 20 :सतत विकास पर संयुक्त राष्ट्र का सम्मेलन: में पुन: पुष्टि की जा चुकी है।
उन्होंने कहा, रियो प्लस 20 में विश्व के नेता इस बात पर सहमत हुए थे कि गरीबी ना केवल सबसे बड़ी वैश्विक चुनौती है बल्कि गरीबी निवारण सतत विकास के लिए अनिवार्य आवश्यकता है। इसलिए 2015 के बाद के विकास एजेंडा में भूख और गरीबी का हमेशा के लिए उन्मूलन का एजेंडा प्रमुख स्थान पर होना चाहिए।