याचिकाकर्ताओं ने तमिलनाडु और पुडुचेरी के महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में लेक्चरर के पद पर भर्ती के लिए पात्रता के मानदंड में बदलाव के आधार पर घोषित परिणामों को चुनौती दी थी।
न्यायमूर्ति के के शशिधरन ने कहा कि यूजीसी द्वारा आयोजित पात्रता परीक्षा की वैधता एवं औचित्य के बारे में उच्चतम न्यायालय ने पहले ही निर्णय सुना दिया है।
न्यायाधीश ने कहा कि ये याचिकाएं यूजीसी और भारतियर विश्वविद्यालय द्वारा पात्रता निर्धारित करने के लिए अपनाई गयी उसी प्रक्रिया को चुनौती देती है जिसके बारे में उच्चतम न्यायालय ने निर्णय सुनाया था कि इस प्रकार की शर्तें लगाने में कुछ भी गलत नहीं है इसलिए इन याचिकाओं को खारिज किया जाता है।
जारी भाषा