महाप्रबन्धक बी. बी. बेरी ने भाषा से बातचीत में कहा कि खाद्य सुरक्षा विभाग के निरीक्षकों ने नमूना लेते वक्त नियमानुसार डेयरी के किसी व्यक्ति को गवाही के लिये नहीं बुलाया था।
फिलहाल मामला प्रदेश के खाद्य सुरक्षा आयुक्त के समक्ष है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के सूत्रों के मुताबिक महकमे के निरीक्षकों ने गत फरवरी माह में बिक्री के लिये लखनउ से बहराइच लाये गये पराग दूध के नमूने लेकर उन्हें कोलकाता स्थित खाद्य सुरक्षा प्रयोगशाला भेजा गया था। उसकी पिछले महीने आयी रिपोर्ट में दूध में डिटरजेंट और रिफाइंड तेल मिला होने की पुष्टि की गयी है।
उन्होंने बताया कि इस रिपोर्ट के मुताबिक पराग के दूध में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट तथा खनिज लवणों की मात्रा मानक से अधिक पायी गयी है। नमूने के रूप में एकत्र किये गये दूध के पैकेट पर न तो बैच संख्या लिखी है और न ही उन पर पैकिंग की तारीख लिखी है।
अपर जिलाधिकारी प्रेम प्रकाश सिंह ने बताया कि इस रिपोर्ट पर कड़ी कार्रवाई की सिफारिश प्रदेश के खाद्य सुरक्षा आयुक्त से की गयी है।
भाषा सं. सलीम गोस्वामी