ये दस्तावेज इस समय सीबीआई के पास हैं।
राजा ने विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश ओ पी सैनी के समक्ष दायर अर्जी मंे कहा है कि 2009 मंैं सीवीसी ने दूरसंचार विभाग द्वारा स्पेक्ट्रम आवंटन की जांच की थी। 12 अक्तूबर, 2009 को सीवीसी ने अपनी यह प्रत्यक्ष रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी थी।
उन्हांेने कहा कि सीवीसी ने सीबीआई से इस मामले मंे उचित कार्रवाई करने को कहा था। 12 अक्तूबर, 2009 का सीवीसी का पत्र और प्रत्यक्ष जांच रिपोर्ट सीबीआई के संरक्षण मंे है। राजा ने कहा कि यह रिपोर्ट इस मामले मंे काफी महत्व रखती है। खासकर जांच अधिकारियांे से जिरह के लिए यह रिपोर्ट जरूरी है।
राजा ने कहा कि यदि उनकी अर्जी को मंजूर कर लिया जाता है तो भी
इससे सीबीआई को कोई हानि नहीं होनी चाहिए।
अदालत इस अर्जी पर 3 सितंबर को सुनवाई करेगी। अदालत ने कहा है कि सीबीआई चाहते तो तब तक राजा की दलील का कोई जबाव दाखिल कर सकती है।
भाषा अजय