सेना द्वारा लोगों की मांग मानने के लिए ली गई 48 घंटे की मियाद खत्म होने के बाद यह कदम उठाया गया है।
मिस्र के सैन्य कमांडर जनरल अब्देल फतह अल सीसी ने टीवी पर एक बयान में राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रपति मुर्सी की जगह संवैधानिक अदालत के मुख्य न्यायाधीश को पदस्थापित किया गया है। एक साल पहले ही मुर्सी इस पद के लिए चुने गए थे।
मिस्र की हाई कंस्टीट्यूशनल कोर्ट के प्रमुख अदले मंसूर हैं। यह मिस्र की सबसे उपरी अदालत है।
मिस्र की सेना ने संविधान को निलंबित कर दिया है और जल्द राष्ट्रपति चुनाव कराये जाने की घोषणा की है।
उदारपंथी नेता मोहम्मद अल बरदेई ने सेना के संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सेना द्वारा तैयार किया गया खाका मिस्रवासियों की मुख्य मांग :जल्द चुनाव कराए जाने: को पूरा करने की गारंटी देगा।