Advertisement
Fractal Analytics IPO GMP: फ्लैट लिस्टिंग की ओर इशारा कर रहे शेयर, निवेश का आज आखिरी मौका; सब्सक्राइब करें ?अब आधार से बनेगा स्टार्टअप इकोसिस्टम! UIDAI शुरू कर सकता है खास फंडबजाज ऑटो, टाटा स्टील और डीमार्ट- तीनों में उछाल की तैयारी? मोतीलाल ओसवाल ने बताए टारगेटStock Market Today: ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव, एशिया में तेजी; जानें भारतीय बाजार पर क्या होगा असरStocks To Watch Today: Apollo, Hindustan Zinc, Coal India समेत आज इन शेयरों पर रखें नजरअब पैकेट बंद खाने पर रहेगी चीनी, नमक और वसा के मात्रा की चेतावनी, SC ने FSSAI को लगाई कड़ी फटकारबारामती हादसे के बाद DGCA का बड़ा एक्शन: 14 चार्टर विमान कंपनियों का शुरू हुआ ‘स्पेशल सेफ्टी ऑडिट’लोक सभा में थमा एक हफ्ते का गतिरोध, अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के लिए विपक्ष ने दिया नोटिसमहत्वपूर्ण खनिजों को लेकर नीति आयोग की केंद्र को बड़ी चेतावनी, कहा: पर्यावरण की कीमत पर न हो माइनिंगअमेरिकी बाजार में भारतीय कृषि उत्पादों की मचेगी धूम! 46 अरब डॉलर के मार्केट में मिलेगी ‘ड्यूटी-फ्री एंट्री’
अन्य समाचार यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में राजस्थान के छह पहाडी किले शामिल
'

यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में राजस्थान के छह पहाडी किले शामिल

PTI

- June,22 2013 11:23 AM IST

राजस्थान की पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री बीना काक ने बताया कि राज्य के आमेर, चित्तौडगढ, गागरोन, जैसलमेर, कुम्भलगढ और रणथम्भौर का चयन यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में हो गया है।

उन्होंने बताया, इन किलों का चयन पूर्व में हमारे द्वारा किये गये कार्यों का परिणाम है। हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और सुरक्षा के प्रति हम प्रतिबद्ध हैं, जिस पर हमें गर्व है।

काक ने बताया कि कंबोडिया के नामपेन्ह शहर में यूनेस्को की विश्व विरासत संबंधी वैश्विक समिति की 36वीं बैठक में आज इन पहाडी किलों के चयन की घोषणा की गई।

उन्होंने कहा कि इस चयन से हमारी ऐतिहासिक धरोहर और स्मारकों को विश्वस्तर पर पहचान मिली है। वर्ष 2010 में जंतर मंतर को विश्व विरासत की सूची में शामिल किया गया था, तभी से राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे थे कि प्रदेश के अन्य महत्वपूर्ण किलों एवं स्मारकों को भी उक्त सूची में शािमल किये जाये। यह चयन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

काक ने कहा कि आभानेरी, बांदीकुई, बूंदी के स्टैपवेल्स तथा शेखावाटी के फे्रस्कों पेन्टिंग्स को भी यूनेस्को की सूची में शामिल करने के प्रयास आरम्भ कर दिये गये है।

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement