पानी पर सबका समान अधिकार बताते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में पानी का निजीकरण नहीं किया जाएगा और तालाबों को बचाने के लिये कानून बनाया जाएगा।
चौहान ने यहां पानी को लेकर आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में हर गांव और शहर की अपनी जल संरचना हो, इसका अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पानी पर सबका अधिकार है और इसका निजीकरण नहीं होगा।
देश में नदियों के पुनर्जीवन को बड़ी चुनौती बताते हुए चौहान ने कहा कि प्रदेश में नर्मदा को प्रदूषण मुक्त कर आदर्श नदी बनाने की योजना बनायी जा रही है। उन्हांेने कहा कि यह विचार किया जाना चाहिए कि विकास किसका हो और किसकी कीमत पर हो। भू-जल की अपनी सीमाएं हैं। इसे रिचार्ज नहीं करने से पानी की कमी की समस्या पैदा हुई है।
उन्हांेने कहा कि प्रदेश में चलाये गये जलाभिषेक अभियान में सात लाख से अधिक जल संरचनाएं बनायी गयी हैं और इसे जनांदोलन का रूप दिया गया है। उन्हांेने बताया कि हर जिले में एक नदी को पुनर्जीवित करने का काम भी शुरु किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेतों में डाले जाने वाले रासायनिक खाद से भी जल प्रदूषित होता है। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन में वृद्धि के साथ पानी की शुद्धता के लिये हमें इस प्रदूषण की भी चिंता करनी होगी। इसके लिए जैविक खाद का उपयोग बढ़ाना होगा।