इस्लामाबाद, 17 नवम्बर :भाषा: पाकिस्तान ने रावलपिंडी शहर में जातीय हिंसा में कम से कम 10 लोगों की मौत होने के बाद आज जांच का आदेश दिया। शहर में कफ्र्यू आज दूसरे दिन भी जारी रहा। प्रशासन को शहर में कानून एवं व्यवस्था बनाये रखने के लिए सेना तैनात करनी पड़ी।
कल रात कफ्र्यू में साढ़े तीन घंटे :रात नौ से साढ़े 12 बजे के बीच: की ढील के बाद कफ्र्यू ऐहतियाती कदम के तौर पर दोबारा लगा दिया गया क्योंकि शुक्रवार की झड़पों में मारे गए लोगों कोे आज दफन किया जाना है।
रावलपिंडी में मोबाइल फोन नेटवर्क अभी भी निलंबित हैं। सेलफोन नेटवर्क इस्लामाबाद में भी निलंबित है।
कफ्र्यू रावलपिंडी के 19 पुलिस थानों के दायरे में लगाया गया है। कफ्र्यू तब लगाया गया जब गत शुक्रवार को रावलपिंडी में मुहर्रम जुलूस में शामिल शिया समुदाय के लोगों की सुन्नी मदरसे के छात्रों से झड़प हो गई।
इस हिंसा में 10 लोगों की मौत हो गई और 40 से अधिक घायल हो गए। आज रावलपिंडी में पुलिस और बड़ी संख्या में सैनिकों ने गश्त की।
हाल के वर्षों यह पहली बार है जब पंजाब प्रांत और विशेष तौर पर रावलपिंडी में कफ्र्यू लगाया गया है। रावलपिंडी में सेना का मुख्यालय भी है।
पंजाब के मुल्तान और चिश्तियां कस्बे में सेना पहले ही तैनात कर दी गई है क्योंकि रावलपिंडी में हिंसा के बाद इन दोनों कस्बे में भी झड़पें हुई। मीडिया की खबरों के अनुसार कम से कम एक व्यक्ति की मौत हुई है और कई अन्य घायल हुए हैं।