नयी दिल्ली, 20 अक्तूबर .ंभाषा.ं देश की करीब आधी मुस्लिम आबादी बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, असम, पश्चिम बंगाल और पंजाब में बसती है लेकिन इन प्रदेशों में मुस्लिम साक्षरता दर राज्य की औसत दर से काफी कम हैं। इस स्थिति के मद्देनजर सरकार ने अब मुस्लिम समेत धार्मिक अल्पसंख्यक छात्रों के दाखिले का ुडाटा बैंर्कं तैयार करने की योजना को आगे बढ़ाया है।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, बिहार, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, असम, पश्चिम बंगाल और पंजाब में मुस्लिम सरक्षरता दर इन राज्यों के साक्षरता औसत से काफी कम हैं । बिहार की कुल साक्षरता दर 61.80 प्रतिशत की तुलना में मुस्लिम साक्षरता दर 36 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश की कुल साक्षरता दर 67 प्रतिशत की तुलना में मुस्लिम साक्षरता दर 37.28 प्रतिशत है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की कुल साक्षरता दर 81.7 प्रतिशत की तुलना में मुस्लिम साक्षरता दर 66.6 प्रतिशत, असम की 72 प्रतिशत की तुलना में मुस्लिम साक्षरता दर 48.4 प्रतिशत और पश्चिम बंगाल की साक्षरता दर 69 प्रतिशत की तुलना में मुस्लिम साक्षरता दर 59 प्रतिशत है। इन राज्यों में देश की करीब 45 प्रतिशत मुस्लिम आबादी रहती है।
मंत्रालय के एक अधिकारी ने ुभार्षां से कहा कि मंत्रालय 31 अक्तूबर 2013 को विभिन्न पक्षों के साथ इस विषय पर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शिक्षा निगरानी समिति की बैठक में चर्चा करेगा।
उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थाओं में अल्पसंख्यक छात्रों के दाखिले संबंधी डाटाबेस तैयार करने के विषय पर भी चर्चा होगी जो 2005..06 के बाद से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर दाखिले के आंकड़ों से जुड़ा होगा। इसके साथ ही 2013..14 से 9वीं से 12वीं कक्षा मेंं मुस्लिम छात्रों के दाखिले का आंकड़ा एकत्र करने के कार्य को आगे बढ़ाया जायेगा।
जारी भाषा दीपक