facebookmetapixel
Groww MF ने लॉन्च किया Nifty PSE ETF, ₹500 से सरकारी कंपनियों में निवेश का शानदार मौका!क्या बजट 2026 घटाएगा आपका म्युचुअल फंड टैक्स? AMFI ने सरकार के सामने रखीं 5 बड़ी मांगेंसिर्फ 64 रुपये का है ये SmallCap Stock, ब्रोकरेज ने कहा – ₹81 तक जा सकता है भाव; खरीद लेंRadico Khaitan Q3 Results: प्रीमियम ब्रांड्स की मांग से कमाई को मिली रफ्तार, मुनाफा 62% उछला; शेयर 5% चढ़ारूसी तेल फिर खरीदेगी मुकेश अंबानी की रिलायंस, फरवरी-मार्च में फिर आएंगी खेपें: रिपोर्ट्सSwiggy, Jio Financial समेत इन 5 शेयरों में बना Death Cross, चेक करें चार्टBudget 2026 से पहले Tata के इन 3 स्टॉक्स पर ब्रोकरेज बुलिश, 30% अपसाइड तक के दिए टारगेट27 जनवरी को देशभर में बैंक हड़ताल! 8 लाख बैंक कर्मी क्यों ठप रखेंगे कामकाज?PhonePe IPO: वॉलमार्ट, टाइगर ग्लोबल और माइक्रोसॉफ्ट बेचेंगे ₹10,000 करोड़ से ज्यादा की हिस्सेदारीनिफ्टी की रफ्तार पर ब्रेक! PL कैपिटल ने घटाया टारगेट, बैंक से डिफेंस तक इन सेक्टरों पर जताया भरोसा

SAFF Women’s U-19 championships: भारत और बांग्लादेश संयुक्त विजेता घोषित, विवाद के बाद फैसला बदला

बांग्लादेश की खिलाड़ियों ने विरोध किया, फिर बदला गया फैसला

Last Updated- February 08, 2024 | 11:12 PM IST
SAFF U-16 Championship: India announces 23-member squad for SAFF U-16 Championship

भारत को गुरूवार को यहां सैफ महिला अंडर-19 फुटबॉल चैम्पियनशिप में मेजबान बांग्लादेश के साथ संयुक्त विजेता घोषित किया गया। हालांकि मेहमान टीम ने शुरू में सिक्का उछालकर खुद को विजेता समझा लेकिन मैच अधिकारियों ने बाद में फैसला बदलकर दोनों टीमों को संयुक्त विजेता घोषित किया। निर्धारित 90 मिनट के खेल के बाद मैच 1-1 से बराबरी पर रहा।

फिर रैफरी ने पेनल्टी शूटआउट करने का फैसला किया। दिलचस्प बात यह रही कि गोलकीपरों सहित दोनों टीम के सभी 11 खिलाड़ियों ने अपने पेनल्टी किक को गोल में बदल दिया।

स्कोर 11-11 पर पहुंचने के बाद रैफरी पेनल्टी शूटआउट जारी रखने ही वाली थीं कि उन्हें ऐसा करने के लिए मना कर दिया गया। अचानक उन्होंने दोनों टीम की कप्तानों को बुलाया और सिक्का उछाला गया।

भारत भाग्यशाली रहा और टॉस जीतने के बाद जश्न मनाने लगा। लेकिन बांग्लादेश की खिलाड़ियों ने विरोध किया और काफी देर तक खेल का मैदान छोड़ने से इनकार कर दिया। इससे हर तरफ अफरातफरी का माहौल बन गया था और बड़ी संख्या में भीड़ मैदान पर बोतलें फेंकते दिखी। उन्हें नारे लगाते भी देखा गया।

एक घंटे से अधिक समय के बाद सिक्का उछालने का फैसला करने वाले मैच आयुक्त ने अपना निर्णय बदल दिया और भारत और बांग्लादेश को संयुक्त विजेता घोषित कर दिया गया।

अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के एक सूत्र ने पीटीआई को बताया, ‘‘यह अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ की अच्छी भाव भंगिमा थी। हमने दोनों टीम को संयुक्त विजेता घोषित करने के फैसले को स्वीकार कर लिया। ’’ टूर्नामेंट के नियमों को लेकर मैच अधिकारियों में भ्रम की स्थिति थी जिसके कारण ऐसा हुआ।

First Published - February 8, 2024 | 11:12 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट