facebookmetapixel
Advertisement
अमेरिकी कोर्ट ने एंट्रिक्स के खिलाफ देवास का फैसला रखा बरकरार, 56.25 करोड़ डॉलर का अवॉर्ड कायमएअर इंडिया A320 का हाइड्रोलिक सिस्टम हुआ था फेल, 4 सेकंड तक नियंत्रण से बाहर रहा विमान: एयरबसमहिंद्रा का भारी ट्रकों पर बड़ा दांव, बाजार हिस्सेदारी 5% करनी की तैयारी; नई डीलरशिप जोड़ेगी कंपनीAMCA लड़ाकू विमान के लिए रिलायंस और रोल्स-रॉयस ने मिलाया हाथ, भारत में बनेगा फाइटर जेट इंजनवैश्विक पटल पर चमका भारत, प्यू रिसर्च के सर्वे में दुनिया के कई देशों ने जताई सकारात्मक रायस्वतंत्रता दिवस पर घूमने का बढ़ा क्रेज, होटल बुकिंग 20% तक बढ़ी; युवाओं में ट्रैवल का जोशलंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड की मांग बढ़ी, ब्याज दर स्थिर रहने की उम्मीद से मिला सहारावीकेंड पर भारी डिस्काउंट व ग्राहकों के बेहतर मूड से अच्छी खरीदारी की उम्मीद, रिटेलरों को मजबूत बिक्री का भरोसाबैंक जमा वृद्धि दिसंबर 2016 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर, 31 जुलाई तक 15.4% बढ़ीअमेरिका की नई रिपोर्ट से भारत पर बढ़ा दबाव, चीन के ट्रांसशिपमेंट नेटवर्क में किया गया शामिल

योगी कैबिनेट ने कीट रोग नियंत्रण योजना को दी मंजूरी

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 3:53 PM IST

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार किसानों को फसलों को नुकसान से बचाने के उपायों और उनके सुरक्षित भंडारण के लिए आर्थिक मदद करेगी। प्रदेश सरकार ने नवंबर में प्रस्तावित निकाय चुनावों से पहले कुछ नई नगर पंचायतों के गठन के साथ कुछ के सीमा विस्तार को भी मंजूरी दी है।
 
प्रदेश मंत्रिपरिषद ने विधानसभा का मानसून सत्र 19 सितंबर से बुलाने का फैसला लेते हुए इस संदर्भ में राज्यपाल से निवेदन किया है।
 

मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में विभिन्न पारिस्थितिकी संसाधनों के जरिए किसानों की फसलों को नुकसान से बचाने के लिए कीट नियंत्रण योजना के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। प्रस्ताव में कहा गया है कि प्रदेश में फसलों में सालाना खरपतवार की वजह से 15 से 20 फीसदी क्षति, फसली रोगों से 26 फीसदी  क्षति तो 20 फीसदी नुकसान कीटों की वजह से होता है। इसके अलावा उचित भंडारण की व्यवस्था न होने के चलते 7 फीसदी की क्षति होती है जिसमें 6 फीसदी चूहों व 8 फीसदी अन्य कारणों से होती है।
 
मंत्रिपरिषद में पारित प्रस्ताव की जानकारी देते हुए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि इसी के मद्देनजर अगले 5 वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक क्षति को कम किये जाने के लिए योजना को मंजूरी दी गयी है। इसके तहत अगले 5 वर्ष में प्रदेश के किसानों की फसल को नुकसान से बचाने के लिए 192.57 करोड़ रुपये की धनराशि व्यय की जाएगी। इसमें से मौजूदा वित्तीय वर्ष में 34.17 करोड़ रुपये व्यय किये जायेंगे, जिनसे किसानों को लाभ दिया जाएगा।
 

कृषि मंत्री ने बताया की मंत्रिपरिषद की बैठक में पारित प्रस्ताव के मुताबिक फसलों को सुरक्षित रखे जाने के लिए दो, तीन व पांच क्विंटल के भंडार के साधन भी 50 फीसदी के अनुदान पर किसानों को उपलब्ध करवाए जाएंगे। इस योजना में 2022 से 27 तक 41 लाख 42 हजार किसान आच्छादित किये जायेंगे।
 
इसके अलावा मंगलवार को हुई बैठक में मंत्रिपरिषद ने नगर विकास विभाग से जुड़े 12 प्रस्तावों पर अपनी मुहर लगा दी है। नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने इनकी जानकारी देते हुए बताया कि मंत्रिपरिषद ने चार नए नगर पंचायत के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। कुशीनगर की मथौली, देवरिया की हेतिमपुर, अयोध्या की मां कामाख्या और फर्रुखाबाद की संकिसा नगर पंचायत के गठन को मंजूरी दे दी गयी है। इसके बाद अब नगर पंचायतों की कुल संख्या 756 हो गई है।
 
एक अन्य प्रस्ताव में देवरिया नगरपालिका परिषद और अलीगढ़ नगर निगम के सीमा विस्तार को मंजूरी दी गयी है। इसके साथ ही कुछ नगर पंचायतों के सीमा विस्तार को भी मंजूरी दी गयी है। इनमें  बांदा की बिसंडा, बाराबंकी की रामनगर, शाहजहांपुर की अल्हागंज, कुशीनगर की रामकोला, लखीमपुर खीरी की धौरहरा और फर्रुखाबाद की कंपिल नगर पंचायत के सीमा विस्तार को मंजूरी दे दी गयी है।

Advertisement
First Published - September 6, 2022 | 6:54 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement